रायपुर में पुलिस कांस्टेबल की पिटाई से नाराज होकर पंडरी थाने का घेराव हो गया है। यह घेराव भीम आर्मी ने किया है। जिसके बाद पुलिस थाने को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मौके पर ASP, 2 CSP, 7 थानों के TI समेत दर्जनों की संख्या में पुलिस बल तैनात है। थाने के आसपास बैरेकेडिंग कर दी गई है प्रदर्शन लगातार जारी है। आसपास से गुजरने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह पूरा मामला पंडरी(मोवा) थाना क्षेत्र का है। पीड़ित गोपाल दास डहरिया ने बताया कि सेक्टर 8 सड्डू का निवासी है। 12 मार्च की रात करीब 9 बजे वह विज्ञान भवन के पास अपने भाई के चाय ठेले की दुकान पर खड़ा था। इस दौरान वहां पर कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे। पुलिसकर्मी होली के दौरान सड़क पर व्यवस्था बनाने को लेकर पेट्रोलिंग पर थे। डंडे से शरीर पर किया वार युवक का कहना है कि, जब वह खड़ा था इसी दौरान मोवा थाने के पुलिस वाले वहां पर पहुंचे। उनमें से एक कॉन्स्टेबल मनीष साहू तू-तड़ाक करते हुए गाल पर थप्पड़ जड़ दिया। मारने का कारण पूछा तो, पुलिस वाला गालियां भी देने लगा। शिकायत में युवक ने बताया कि, चाय दुकान उसकी ही है और वह अपने भाई की मदद करने आया था। इसी दौरान बेवजह पीटा गया है। हाथ-पैर और छाती में कई बार वार किए जिससे उसे गंभीर चोट आई है। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे उठाकर गाड़ी में जबरन बैठाने लगा। तो युवक डरकर वहां से दूर भागा। थाने में नहीं हुई FIR दर्ज इस घटना के बाद युवक अपने परिजन और दोस्तों के साथ पुलिस थाने पहुंचा। वहां जाकर उसने सीनियर पुलिस वालों को पूरी घटना बताई। लिखित में आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ शिकायत भी दी। इसके बावजूद थाने में कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके अलावा युवक का मेडिकल परीक्षण भी नहीं करवाया गया। 15 दिन पहले हो चुका है कांस्टेबल लाइन अटैच इस मामले में रायपुर पुलिस SSP डॉ लाल उम्मेद सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए 16 मार्च को आरोपी कांस्टेबल मनीष साहू को लाइन अटैच कर दिया था। हालांकि इस बात की जानकारी मीडिया में नहीं आई थी। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मी को नौकरी से बर्खास्त किया जाए। फिलहाल इस मामले में पुलिस अफसर प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश में जुटे हैं।


