गुरदासपुर के आदियां पुलिस चौकी में पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी रणजीत सिंह के परिवार ने उसके एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए नेशनल हाईवे पर धरना दिया। परिवार ने रणजीत सिंह का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया है। रविवार को बाबरी बाईपास चौक पर विभिन्न संगठनों के साथ तीन घंटे तक यह प्रदर्शन चला। हाल ही में आदियां चौकी पर हुए हमले में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार शहीद हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में दिलावर सिंह, इंदरजीत सिंह और रणजीत सिंह को नामजद किया था। भागने की कोशिश में मारा गया पुलिस ने दिलावर सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। उसकी निशानदेही पर रणजीत सिंह को भी पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, हथियार बरामदगी के दौरान रणजीत सिंह ने भागने की कोशिश की और पुलिस पार्टी पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में रणजीत सिंह मारा गया। तीसरे आरोपी इंदरजीत सिंह को शुक्रवार को अमृतसर से गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ के पांच दिन बाद भी रणजीत सिंह के परिवार ने पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया है। रविवार के विरोध प्रदर्शन में परिवार ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप दोहराया। परिवार बोला- ये फर्जी पुलिस एनकाउंटर परिवार ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में फर्जी पुलिस एनकाउंटर का ये ताजा उदाहरण है। उनका कहना है कि युवाओं को बिना किसी कारण निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पीजीआई चंडीगढ़ में मृतक रणजीत सिंह का पोस्टमार्टम करवाने और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की। उनका तर्क है कि पुलिस जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती, इसलिए मामले को उच्च स्तरीय जांच एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए। कई नेताओं ने दिया समर्थन इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा, पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह छोटेपुर, लखा सिधाना, किरती किसान यूनियन के नेता सतबीर सुल्तानी और सीपीआई (एमएल) के कामरेड गुरमीत सिंह बख्तपुर सहित कई नेताओं ने भाग लिया।


