राजीविका समूह की 29 महिलाओं को रोजगार और मशीन दिलाने का झांसा देकर 96 लाख रुपए की ठगी करने के मुख्य आरोपी को गोपालगढ़ थाना पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर गोपालगढ़ थाने लाया गया। आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही ठगी का शिकार हुई महिलाएं थाने पहुंच गईं। उन्होंने पुलिस से ठगी की राशि दिलाने की मांग की। थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले राजीविका की 29 महिलाओं ने मामला दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए भरतपुर रेंज आईजी कैलाश चंद विश्नोई और डीग एसपी ओम प्रकाश मीणा ने कार्रवाई के निर्देश दिए। एएसआई रामावतार और साइबर टीम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी के मोबाइल से हुई बातचीत और नए नंबरों की जांच की। लोकेशन ट्रेस कर पुलिस टीम झारखंड पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी शिव सिन्हा पुत्र सुनील सिन्हा निवासी जगन्नाथ पनडुब्बी, थाना बरवाअड्डा, जिला धनबाद (झारखंड) को गिरफ्तार किया । आरोपी ने खुद को राजस्थान निवासी बताते हुए ‘मानवी फाउंडेशन’ नाम से एनजीओ बनाकर राजीविका से जुड़ गया। वह महिलाओं को स्वरोजगार की ट्रेनिंग देता था। भरोसे का फायदा उठाकर उसने मशीन दिलाने और रोजगार उपलब्ध कराने का झांसा दिया। पहले खुद सीखा काम, फिर महिलाओं को दी ट्रेनिंग जांच में सामने आया कि आरोपी पहले गुजरात गया। वहां कपड़े धोने का साबुन, सर्फ और साड़ी बनाने का काम सीखा। दो साल तक वहीं रहा और अपनी पहचान संबंधी दस्तावेज बनवाए। बाद में झारखंड के देवघर और फिर जयपुर आ गया। जयपुर में भी फर्जी पहचान बनवाई। यहां वह 500 रुपए में महिलाओं को ट्रेनिंग देने लगा। बुलेट का शौकीन था आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी को बुलेट बाइक चलाने का शौक था। राजीविका के कार्यक्रमों में भी वह बुलेट से ही आता-जाता था। ठगी के बाद जयपुर से झारखंड भाग निकला और वहां भी बुलेट चलाता देखा गया।


