पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जहांगीराबाद की पुरानी गल्ला मंडी के पास मंगलवार को दो दिन पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया। पथराव-तलवारबाजी के बीच हमलावरों ने घर के दरवाजों की चादर तक फाड़ दी। डर के कारण लोग घरों में दुबके रहे। इसी दौरान एक गर्भवती महिला सायमा के सिर में डंडा लग गया। झगड़े में दो महिलाओं सहित 6 घायल हुए हैं। घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें महिलाएं तलवार चलाती दिख रही हैं। झगड़े के समय वहां 3 पुलिसकर्मी मौजूद थे। सूचना पर और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इलाके में बैरिकेडिंग कर दी। इस मामले में 14 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी और डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि दो दिन पुराने झगड़े के चलते यह विवाद हुआ है। पुलिस को पता था- मामला नाजुक है, दो दिन से जवान तैनात थे, फिर भी इनके सामने ही चली लाठी-तलवारें एक पक्ष – पहले से हमले की तैयारी थी, इसलिए इतने लोग आए दूसरा पक्ष – रघुवीर को चाकू मारने वाला हमें चाकू दिखा रहा था जहांगीराबाद की लक्ष्मीगंज गल्ला मंडी के पास हुए बवाल की नींव रविवार को पड़ गई थी। रविवार शाम मंडी के पास से बाइक निकालने पर रघुवीर का विवाद फैज, माइकल, समीर, सैफ और जहीर से हुआ था। आरोपियों ने चाकू से रघुवीर की अंगुली काट दी थी और सीने पर भी वार किया। मामला कितना संवेदनशील है, यह पुलिस पहले दिन से जानती थी। इसीलिए उस क्षेत्र में तीन जवानों को तैनात भी किया गया। दो दिन से तैनात इन्हीं जवानों के सामने उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। जवान रोकते रहे, पर किसी ने नहीं सुनी। दरअसल, दूसरे पक्ष को पता चला गया था कि रघुवीर पर हमले का आरोपी माइकल अभी क्षेत्र में है। इसका पता चलते ही वे लोग तलवारें और डंडे लेकर लेकर पहुंचे और हमला कर दिया। भीड़ ने माइकल से मारपीट की। जान बचाने के लिए माइकल एक घर में घुसा तो हमलावरों ने उस घर के दरवाजे की चादर तलवार से फाड़ दी। तलवार का कोना लगने से राजा नाम का व्यक्ति घायल हुआ है। माइकल की शिकायत पर पुलिस ने हुकुम सिंह, ओमकार, बेताब, जानिम सिंह, करण, अर्जुन, चमेली, जंगलू, निहालू, टोपू, शैलेंद्र और महेंद्र सहित अन्य पर मारपीट, बलवा, पथराव और तोड़फोड़ की धाराओं में मामला दर्ज किया है। कैमरों से निगरानी… सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मी मौजूद – बवाल के दौरान जमकर पथराव हुआ। घरों के बाहर खड़ी टू व्हीलर और ई-रिक्शा में तोड़फोड़ की गई। हिंसा को लेकर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे एक पक्ष का आरोप- दूसरे पक्ष ने पहले ही इस हमले की योजना तैयार कर ली थी। इसलिए एक साथ इतनी बड़ी संख्या में तलवारें लेकर आए। अगर हम घर के दरवाजे बंद नहीं करते तो ये लोग हमारी जान ले लेते। एक घंटे तक घर में कैद होकर हम लोग दहशत में रहे। पुलिस के आने के बाद स्थिति संभली। दूसरे पक्ष का आरोप- रघुवीर को चाकू मारने वाला माइकल मंगलवार को हमारी घर की महिलाओं को चाकू दिखाकर डरा रहा था। इस वजह से विवाद बढ़ा। हम लोग उसे पकड़ने पहुंचे थे। अगर माइकल की पहले ही गिरफ्तारी हो जाती तो बात यहां तक नहीं पहुंचती।


