पुलिस ने लोगों को साइबर अपराधों को लेकर किया जागरूक:एसपी बोले- डिजिटल अरेस्ट का कानून में कोई प्रावधान नहीं, ठगी से बचने सतर्क रहना जरूरी

अशोकनगर के जैन भवन में रविवार को जैन जागृति मंडल के द्वारा साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जैन साइबर की टीम के साथ कार्यक्रम में पहुंचे और वहां पर उन्होंने इस समय लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक किया। जिसमें उन्होंने शॉर्ट फिल्म दिखाकर भी सभी को बचाव के लिए लोगों को प्रेरित किया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आज के समय में डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। लेकिन कानून में डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है जो व्यक्ति अपने आप को पुलिस वाला बता कर डिजिटल अरेस्ट किए जाने की बात कहे तो उसकी बातों में नहीं आना और उस फोन नंबर को या तो ब्लैक लिस्ट में डाल दें या फिर उसे फोन को ना उठाएं। राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत कराएं। इसी दौरान एसपी ने कहा कि अगर इस तरह के मामले में अगर किसी व्यक्ति के साथ फ्रॉड होता है तो वह तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत कराएं। 1 घंटे के अंदर इस नंबर पर शिकायत होने के बाद जो पैसा जिन-जिन अकाउंट में गया है उसे ट्रेस किया जाता है और जिस अकाउंट में पैसा रहेगा, उसे ब्लॉक करवा देते हैं। इसके बाद अगर आप एफआईआर करेंगे तो अकाउंट में जो पैसे डिपाजिट है वह कोर्ट के माध्यम से आपको वापस मिलेंगे। इसी कार्यक्रम में उन्होंने 18 साल से कम उम्र की लड़कियों को भी किसी के बातों में नहीं आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा 18 साल से कम उम्र की लड़कियां कई बार लड़कों की बातों में आ जाती है और अपने घर से चली जाती है जिसके कारण से कई लड़का-लड़की के जीवन खराब हो जाते हैं इसके लिए पॉक्सो एक्ट कानून है। उन्होंने कहां की 18 साल में अधिक समझ नहीं होती, इसलिए इस तरह का कोई कदम ना उठाएं। परिवार को भी ध्यान रखना चाहिए।

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