बाड़मेर पुलिस ने जिले के अलग-अलग थानों में पकड़ी गई हेरोइन और मादक पदार्थों का शनिवार को पुलिस लाइन में निस्तारण किया गया। इनकी हेरोइन और मादक पदार्थ की कीमत करीब 60 करोड़ रुपए आंकी की गई है। आईजी विकास कुमार ने कहा कि मामले की जांच और परीक्षण पूरा होने के बाद इसका निस्तारण किया गया। सेड़वा थाना इलाके में साल 2021 में पुलिस सहित अन्य एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए 30 किलो हेरोइन और मादक पदार्थ जब्त किए थे। उसके बाद पुलिस ने इसको मालखाने में रखा हुआ था। शनिवार को जोधपुर रेंज आईजी विकास की उपस्थिति में 30 किलो हेरोइन का गड्डा खोदकर ऑयल डालकर जलाया गया। जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया- सेड़वा थाना इलाके में साल 2021 में बड़ी कार्रवाई के दौरान 30 किलो के आसपास हेरोइन और मादक पदार्थ बरामद किए थे। इंटरनेशनल मूल्यों के आधार पर इसकी कीमत करीब 60 करोड़ है। आज इनके साक्ष्य परीक्षण की प्रक्रिया समाप्त हो गई। इनकी अभी आवश्यकता नहीं रह गई थी। पारदर्शी तरीके से इनको नष्ट किया गया ताकि गलत हाथों में नहीं जाए। इनका दुरुपयोग नहीं हो सके। आईजी ने कहा-इस पदार्थ का निर्माण पीढ़ी के भविष्य और सपनों को राख करने के लिए हुआ था। यह खुद अब राख में बदल गया है। काला धुंध नष्टीकरण का धुंआ है। युवा पीढ़ी से अपील है कि मादक पदार्थ के चंगुल में न फंसकर अपना भविष्य संजोए। परिश्रम करे। आईजी बोले- नशा सफलता का होना चाहिए आईजी विकास कुमार ने कहा- आदमी में नशा अपनी सफलता, बाहुबल या प्रतिभा का होना चाहिए। जब यह नशा होगा तो इन मादक पदार्थ के नशे की आवश्यकता नहीं रहेगी। इसलिए इस नशे से तौबा करके अपने भविष्य को संवारने, सपनों को पूरा करें। यह नशा स्वास्थ्य, भविष्य, परिवार और सपनों के साथ खिलवाड़ करता है।


