गोलूवाला थाना पुलिस की कथित कार्यप्रणाली के विरोध में शुक्रवार को जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के बाहर विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर आंदोलनकारियों से मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह घटना 17 फरवरी को गोलूवाला थाना क्षेत्र में हुई थी। वे नशे और चोरी की घटनाओं के खिलाफ ज्ञापन देने के बाद सांकेतिक धरने पर बैठे थे। आरोप है कि इसी दौरान पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे लोगों को जबरन उठाकर थाने ले गए। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि थाने में उनके साथ मारपीट की गई और जातिसूचक गालियां दी गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में एक अन्य मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद से एक पीड़ित को निशाना बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनकारियों ने गोलूवाला में गुरुद्वारा मेहताबगढ़ साहिब को लेकर जारी विवाद में भी पुलिस की एकतरफा कार्रवाई पर विरोध जताया। माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने आरोप लगाया कि गोलूवाला थानाधिकारी दबंगों की शह पर नशे के कारोबारियों को संरक्षण दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। एसपी कार्यालय के बाहर कुछ देर तक नारेबाजी भी की गई। ज्ञापन सौंपने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि प्रशासन मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करेगा।


