पुष्करणा सावे को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है। यही वजह है कि करीब 15 लाख रुपए से सड़कों का पैचवर्क विशेषतौर पर परकोटे की सड़कों पर हो रहा है। इसमें से कुछ राशि पीडब्ल्यूडी और कुछ नगर निगम वहन कर रहा है। दोनों ही विभाग एआरसी से मंजूर दरों के आधार पर बिना टेंडर के काम करा रहे हैं। दरअसल, शहर में पुष्करणा सावे की धूम मची है। हर गली-मोहल्ले में रौनक है। लोग शादी से जुड़े तमाम कार्यक्रमों की तैयारियों और रस्मों-रिवाजों में व्यस्त हैं। ऐसे में प्रशासन का भी ध्यान उधर ही है। सावे से पहले ही विधायक जेठानंद व्यास ने प्रशासनिक अधिकारियों से व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की थी। खबर है कि करीब 10 लाख रुपए से बीकानेर पश्चिम की सड़कों का पैचवर्क नगर निगम कर रहा है। 3.50 लाख रुपए से पीडब्ल्यूडी काम कर रहा है। दोनों ने ही पैचवर्क के लिए कोई टेंडर नहीं किए हैं। एआरसी यानी वार्षिक दर अनुबंध किया गया है, जिसमें एक बार दरें तय होती हैं और उन्हीं दरों से छोटे काम कराए जा सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि जहां-जहां निगम और पीडब्ल्यूडी पैचवर्क करा रहा है, वे लाइबिलिटी की सड़कें हैं। लाइबिलिटी यानी ठेकेदार की गारंटी पीरियड वाली सड़कें, जिनकी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की ही होती है, मगर पुष्करणा सावे को देखते हुए इसे एआरसी से बनाया जा रहा है। लाइबिलिटी पर सफाई
लाइबिलिटी पीरियड की सड़कों पर पैचवर्क के सवाल पर पीडब्ल्यूडी के एईएन विक्रम विश्नोई का कहना है कि जरूर कुछ सड़कें लाइबिलिटी की हैं, मगर जिन सड़कों को तोड़ने या किसी कारण से खोदने की अनुमति विभाग ने जारी की है, उसका पैचवर्क ठेकेदार नहीं कराता। वह विभाग को ही करना होता है। लाइबिलिटी का मतलब यह है कि अपने आप सड़क टूटे तो ठेकेदार बनाने के लिए पाबंद होता है। हालांकि निगम आयुक्त मयंक मनीष का कहना है कि मेरी जानकारी में नहीं है कि निगम ने किसी लाइबिलिटी वाली सड़क पर पैचवर्क कराया हो।


