पूरे क्षेत्र में मची कोयले की लूट, अवैध खनन रेलवे रैक से चोरी बे रोकटोक चल रहा कारोबार
सफेदपोश माफिया और खाकी का गठजोड़ बजा रहा एक ही धुन
बिजुरी। जिले में प्रशासनिक कसावट के बावजूद कोयले का अवैध व्यवसाय फलफूल रहा है। समय बीतने के साथ एक कार्रवाई के बाद दूसरी कार्रवाई कब हुई ये सुनने का अवसर कम ही मिला होगा। इससे पूरे जिले में इन दिनों कोयला चोरी, परिवहन, बख्शीश, नियंत्रण का जोरदार प्रदर्शन देखने मिल रहा है जो पुलिस, राजस्व व खनिज विभाग वाले कुछ लोगों के मिले होने की तरफ इशारा करता है। वैसे तो कहा जाता है कि शेर और बकरी एक ही घाट में पानी पीते नजर नही आते लेकिन कोयले की लूटम लूट के मामले में सफेदपोश खाकी और कोल माफियाओं का गठजोड़ यह बताने के लिए पर्याप्त है कि तीनो एक ही घाट में पानी पीते नजर आ रहें है।
केवई नदी के तट से निकाला जाता है कोयला
इन दिनों जिले में कोयला माफिया का बोलबाला है, अनूपपुर कप्तान एक और कार्यवाही कर सफलता की डींगे हाक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिजुरी पुलिस कोयला माफिया से सांठगांठ कर अवैध बिजुरी थाना अंतर्गत मझौली-पिपरिया मार्ग में पड़ने वाली केवई नदी के किनारे पर कोयले का अवैध खनन और परिवहन खुलेआम जारी है नदी के किनारो पर अवैध बारूदी धमाके किये जाते है, ब्लास्टिंग के बाद जेसीबी व अन्य मशीनों से कोयला, वहां के पत्थरों को हटाया जाता है तत्पश्चात अवैध कोयला उत्खनन व परिवहन का खेल जारी हो जाता है इस अवैध खनन को संचालित करने में मंसूरी भाईजान सिंडिकेट का नाम सामने आ रहा है सूत्रों की माने तो पूर्व में अनूपपुर पुलिस कुछ युवकों को संदिग्ध पाए जाने पर पूछताछ के लिए कोतवाली लाई थे उनमें से एक मंसूरी भाईजान नामक व्यक्ति बताया गया था जिसके संबंध पुलिस विभाग के आला अधिकारी से होना पाए जाने पर पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया और उसके बाद से जिले की बिजुरी पुलिस उक्त अवैध उत्खनन और ब्लास्टिंग पर चुप्पी साधे हुए है। उत्खनन और परिवहन को हरी झंडी दे रखी है विगत 2 सप्ताह से अखबार व सोशल मीडिया में लगातार कोयले के अवैध उत्खनन परिवहन की खबरें चल रही हैं इधर प्रशासन, खनिज विभाग व पुलिस उक्त मामले से दूरी बनाए हुए है हालांकि छुट-पुट कार्यवाही कर अपनी इज्जत बचाने का प्रयास किया जा रहा है किंतु जो जग जाहिर चोरी है उससे दूरियां बना रखी गई है जो स्पष्ट तौर पर कोयला माफिया से सांठगांठ की ओर इशारा कर रहा है, खनिज विभाग व राजस्व अमला अवैध ब्लास्टिंग पर किसी प्रकार की कार्रवाई अब तक नहीं।
प्रशासन मूकदर्शक
खनिजों के दोहन व परिवहन को रोकने सरकार ने खनिज विभाग को कार्यवाही का दायित्व सौपा है लेकिन अनूपपुर खनिज विभाग ठेकेदारों के इशारों पर रेता गिट्टी की कार्यवाही कर अपने कर्तव्य को पूरा समझ रहे हैं जबकि जिले में कोयले का उत्खनन परिवहन बेधड़क हो रहा है अखबारों और सोशल मीडिया के माध्यम से ग्रामीण व आम जनता ने भी कोयले के अवैध उत्खनन व परिवहन की बात कही है लेकिन प्रशासन इस पर चुप्पी साधे हुआ है खनिज विभाग कोयले के उपकरण पर कार्यवाही करने के जगह मूक दर्शक की तरह दर्शक दीर्घा में बैठी दिखाई पड़ती है वंही नाक के नीचे अवैध बारूदी धमाके कर कोयले का उत्खनन बदस्तूर जारी है जिसमे जिला प्रशासन कोतमा राजस्व अमला व पुलिस की भूमिका संदिग्ध दिखाई पड़ती है।
विस्फोट कर निकालते है कोयला
बिजुरी थाना अंतर्गत मझौली व पिपरिया के मध्य होने वाले कोयले के अवैध उत्खनन दौरान उपयोग किए जाने वाले अवैध बारूद कहां से आया और उक्त बारूद का इस्तेमाल कौन कर रहा है इसकी जानकारी अब तक नहीं लगी है पुलिस द्वारा अवैध तरीके से किये जा रहे ब्लास्टिंग पर किसी प्रकार की कार्यवाही संज्ञान में नहीं लिया दिखी है बड़ी मात्रा में बारूद कोयला माफिया के पास मौजूद है जिसका भंडारण भी तय मापदंडों में नहीं होगा जैसी बातें भी सामने आ रही हैं ऐसे में क्षेत्र में कभी भी बड़ी घटना हो सकती है दूसरी तरफ मानक एवं पर्यावरण को दरकिनार कर लगातार अवैध उत्खनन कर दोहन जारी है जिससे केवई नदी का अस्तित्व भी संकट के दायरे में आ सकता है हाल ही कोतमा के समीप अवैध बारूद का जखीरा मिला था जो कि कोयले उत्खनन में उपयोग किया जाता है, पुलिस द्वारा उक्त मामले को संज्ञान में लेकर कोयला माफियाओं और अवैध तरीके से बारुद के इस्तेमाल करने वालों पर कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए। कर पाया है जबकि बारूदी धमाके से मझौली का किनारा तक दहल रहा है अवैध तरीके से की जा रही ब्लास्टिंग पर जिला प्रशासन भी खामोश है ऐसे में आशंका है कि आगामी समय पर बड़ी घटना गुनाहों का रूप धारण कर घट सकती है।


