खरगोन में पूर्व कृषि मंत्री व कसरावद विधायक सचिन यादव ने शुक्रवार को प्रदेश सरकार का एक साल पूरा होने पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा- प्रदेश की भाजपा सरकार अपने 1 साल के कार्यकाल में जनता के विश्वास पर खरा उतरने में पूरी तरह से विफल रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। सालभर में किसान, माता बहनें, दलित व आदिवासियों पर अत्याचार हुए हैं। एक साल में प्रदेश की जनता बदहाल स्थिति में रही है। चुनाव के समय जो वादे किए थे, वह पूरे नहीं हुए। जनता के साथ वादाखिलाफ़ी हुई है। किसानों से 2700 रुपए में गेहूं व 3100 रुपए क्विंटल में धान खरीदी का वादा हो, या माता बहनों को लाडली बहना योजना में 3000 रुपए देने की बात हो। तमाम वादे, चुनाव के समय में किए थे, वो पूरे नहीं हुए हैं। इस वादाखिलाफी को लेकर 16 दिसंबर को विधानसभा का कांग्रेस घेराव करने जा रही है। नींद में सोई हुई सरकार को जगाएंगे। पूर्व मंत्री ने कहा, सौतेला व्यवहार लगातार हम महसूस कर रहे हैं। एक तरफ सरकार कहती है पक्ष के विधायक हों या या विपक्ष के, बराबर हैं, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिलता है। सत्ता पक्ष के विधायकों से विकास के लिए कार्य योजना मंगवाई गई, लेकिन विपक्ष के साथियों से कोई कार्य योजना नहीं मंगाई गई। सत्तापक्ष के विधायकों की कार्य योजना पर भी काम नहीं सत्ता पक्ष के विधायकों से भी जो कार्य योजना मंगाई गई थी, उन पर भी कोई काम नहीं हुआ है। उन पर न कोई अमल नहीं हुआ है और न होने वाला है। अन्य विभागों पर रोक लगा रहा वित्त विभाग यादव ने कहा- बजट पारित होने के बाद वित्त विभाग अन्य विभागों की योजनाओं पर रोक लगाने का काम कर रहा है। इस मामले को विधानसभा में उठाया था। बिना वित्त विभाग के अनुशंसा के बजट किसी भी विभाग को पारित करने की अनुमति नहीं है, यह गलत है। विधानसभा में बजट पारित करने का क्या मतलब।


