पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली की तबियत अचानक बिगड़ गई है। उन्हें ठाणे के आकृति हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक 52 साल के कांबली की हालत गंभीर है। शनिवार रात उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हाल ही में कोच रमाकांत आचरेकर कार्यक्रम में विनोद कांबली नजर आए थे। इस दौरान उनका सचिन तेंदुलकर के साथ वीडियो वायरल हुआ था। एंकर ने हाथ छुड़वाया
कोच आचरेकर समारोह में कांबली, सचिन का हाथ कस कर थाम लेते हैं। फिर एंकर आता है और कांबली को हाथ छोड़ने को लेकर समझाता है। आखिर में फिर सचिन उनसे दूर हो जाते हैं। यहां कांबली के चेहरे पर निराशा नजर आती है। विनोद कांबली की तबीयत खराब है
कांबली का 4 महीने पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे चल नहीं पा रहे थे। वीडियो में कांबली एक बाइक के पास खड़े रहते हैं। फिर कुछ देर में लड़खड़ाने लगते हैं। एक व्यक्ति आगे बढ़कर सहारा देता है। 52 वर्षीय कांबली हार्ट संबंधी समस्याओं के अलावा डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। वे दवाएं ले रहे हैं। उन्हें रेगुलर हॉस्पिटल जाना पड़ रहा है। कांबली को साल 2013 में दिल का दौरा भी पड़ चुका है। कांबली को हार्ट अटैक आ चुका
फिल्मी करियर फ्लॉप होने के बाद कांबली ने राजनीति में भी हाथ आजमाया। वे लोक भारती पार्टी के सदस्य रहे। 2009 के विधानसभा चुनाव में कांबली विखरोली सीट से मैदान में उतरे, लेकिन इस मोर्चे पर भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। कुछ साल पहले कांबली को दिल का दौरा पड़ा था, उसके बाद से वे क्रिकेट, टीवी और सिनेमा के परदे से लगभग गायब से हैं। उन्होंने रक यूट्यूब चैनल को दिए गए इंटरव्यू में बताया था की सचिन तेंदुलकर ने उनकी हार्ट सर्जरी कराई थी। करियर की शुरुआत में भारत के किया दमदार प्रदर्शन
कांबली ने भारतीय टीम के लिए साल 1991 में वनडे डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने टीम इंडिया के लिए टेस्ट में साल 1993 में टेस्ट में डेब्यू किया। शुरुआत में उन्होंने टीम इंडिया के लिए दमदार प्रदर्शन किया था। वह भारत के लिए सबसे तेज 1000 टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। उन्होंने 14 पारियों में ऐसा किया था। विनोद कांबली ने भारतीय टीम के लिए 17 टेस्ट मैचों में कुल 1084 रन बनाए हैं, जिसमें 4 शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने टीम इंडिया के लिए कुल 104 वनडे मैचों में कुल 2477 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं। 2000 के दशक में उनका प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा और इसी वजह से वह टीम इंडिया से बाहर हो गए। उन्होंने टीम इंडिया के लिए अपना आखिरी वनडे मैच साल 2000 में श्रीलंका के खिलाफ खेला। कांगा लीग में एकसाथ डेब्यू किया
कांबली और सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने मुंबई की मशहूर कांगा लीग में एकसाथ डेब्यू किया था। तेंदुलकर-कांबली ने स्कूल में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला था। दोनों ने शारदाश्रम स्कूल की तरफ से खेलते हुए 664 रनों की साझेदारी निभाई थी। इस साझेदारी में कांबली ने नॉटआउट 349 रन बनाए थे। यहीं से दोनों चर्चा में आए। तेंदुलकर ने 1988 में रणजी में डेब्यू किया था, जबकि कांबली को ये मौका एक साल बाद 1989 में मिला। विनोद कांबली ने कीं दो शादियां
कांबली की निजी जिंदगी भी कुछ खास सफल नहीं रही। उन्होंने पहली शादी एक क्रिश्चियन लड़की से की थी। नोएला नाम की लड़की से उनकी पहली शादी सफल नहीं हो सकी। फिल्मी दुनिया की तरफ आकर्षित हो चुके कांबली का दिल फैशन मॉडल एंड्रिया हेविट पर आया। दोनों ने शादी की और अबतक साथ हैं। जून 2010 में एंड्रिया ने कांबली के बेटे जीसस क्रिस्टियानो को जन्म दिया। जब मैदान पर रो पड़े थे कांबली 13 मार्च 1996 को कोलकाता के ईडन गार्डन में भारत और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल था। श्रीलंका ने 251 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम एक समय 98 रन पर एक विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में थी, लेकिन सचिन के आउट होने के बाद टीम का बल्लेबाजी क्रम ढह गया। टीम इंडिया ने 120 रनों पर 8 विकेट गंवा दिए थे। 35वां ओवर होना था और भारतीय टीम को 156 गेंदों पर 132 चाहिए था। विनोद कांबली 10 और अनिल कुंबले बगैर खाता खोले क्रीज पर मौजूद थे। इसके बाद दर्शकों ने मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। स्टेडियम के एक हिस्से में आग लगा दी। मैच रोक दिया गया और श्रीलंका को विजेता घोषित कर दिया गया। तब मैदान से लौटते समय कांबली रोने लगे। कुछ फ्लॉप फिल्मों में भी किया काम
2000 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कांबली ने फिल्मों का रुख किया। 2002 में संजय दत्त, सुनील शेट्टी और प्रीति झांगियानी स्टारर ‘अनर्थ’ फिल्म रिलीज हुई। रवि दीवान के निर्देशन में बनी वह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप रही। 2009 में फिर से कांबली ने पल पल दिल के साथ नाम की फिल्म की। वी के कुमार के डायरेक्शन वाली फिल्म में कांबली के पूर्व क्रिकेटर दोस्त अजय जडेजा और माही गिल थे, लेकिन वे भी दर्शकों का दिल नहीं जीत पाई।


