मऊगंज हिंसा को लेकर रीवा के पूर्व बीएसपी सांसद बुद्धसेन पटेल ने विवादित बयान दिया है। इसका वीडियो भी सामने आया है। शनिवार को आदिवासी समाज के लोगों को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा- हम उसे धन्यवाद देते हैं जिसने अपने मान-सम्मान और बाप के बदले के लिए इस घटना को किया है। इसी की जरूरत है। कब तक सहते रहोगे, कब तक मां-बहन और बेटियों की इज्जत लुटवाते रहोगे, उन लोगों के भीतर का जज्बा जाग गया। पूर्व सांसद ने कहा कि आदिवासी भाई ने कहा कि वो लोग धमकी दे रहे थे कि फिर से मारेंगे। आदिवासी समाज के लोगों ने एक टीम बनाई और जिस आदमी को मारा था, उसके घर जाकर उसको काट दिया। पुलिस पर भी हमला कर दिया। उसमें पुलिस का भी एक ब्राह्मण मारा गया। इससे पहले बसपा और आदिवासी संगठन के लोगों मऊगंज हिंसा को लेकर आईजी को ज्ञापन भी सौंपा। बुद्धसेन पटेल 1983 में बसपा के टिकट पर रीवा से विधायक और 1996 में रीवा से सांसद रह चुके हैं। बसपा छोड़ वे भाजपा में भी गए थे। कुछ सालों बाद वे फिर बसपा में शामिल हो गए। अधिवक्ता बोले- पूर्व सांसद दंगा फैलाने की राह में
पूर्व सांसद के भड़काऊ भाषण पर रीवा के एडवोकेट बीके माला ने कहा कि जिस भड़काऊ भाषण का वीडियो सामने आया है, उसे देखकर कोई भी कह सकता है कि बुद्धसेन पटेल दो समुदायों के बीच हिंसा भड़काने की साजिश रच रहे हैं। वो मंच से आदिवासी समाज के भोले-भाले लोगों को इस तरह की हिंसा करने की प्रेरणा दे रहे हैं। वो अब कितने और पुलिसकर्मियों की हत्या रीवा में कराना चाहते हैं। उनके इस बयान से ऐसा भी लग रहा है कि मऊगंज में हुई हिंसा में उनकी भूमिका भी हो सकती है, जिसकी जांच की जरूरत है। बीजेपी ने की एफआईआर दर्ज करने की मांग
मऊगंज भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि बुद्धसेन पटेल का बयान बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस और प्रशासन को तत्काल FIR दर्ज करनी चाहिए। मऊगंज में एक तरफ हिंसा के बाद पुलिस और प्रशासन शांति व्यवस्था कायम करने की कोशिश कर रहा है, दूसरी तरफ बुद्धसेन पटेल भड़काऊ भाषण देकर लोगों में आक्रोश पैदा करने का काम कर रहे हैं। हफ्ते भर बाद भी मऊगंज में हालात सामान्य नहीं
मऊगंज के गड़रा गांव में हिंसा के एक सप्ताह बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है। दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति है। पुलिस और प्रशासन किसी तरह माहौल को सामान्य कर शांति व्यवस्था को वापस पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। मऊगंज में पुलिस पर हुआ था जानलेवा हमला
15 मार्च को बंधक बनाए गए सनी द्विवेदी को छुड़ाने गई पुलिस टीम पर जानलेवा हमला हुआ था। इस दौरान आदिवासी परिवार ने एसडीओपी अंकिता सुल्या समेत 3 पुलिसकर्मियों को भी बंधक बना लिया था। बाकी पुलिस टीम पर पत्थर और लाठी डंडे से हमला किया गया था। हमले में एएसआई रामचरण गौतम की मौत हो गई थी। उनके सिर को आरोपियों ने पत्थर से कुचल दिया था। हमले में 10 पुलिसकर्मी और तहसीलदार गंभीर रूप से घायल हुए थे। मऊगंज हिंसा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें- टीआई बोले- पुलिसकर्मी तड़पते रहे, वे बेरहमी से पीटते रहे:मऊगंज हिंसा पर कहा- 20 साल के करियर में ऐसा खौफनाक मंजर नहीं देखा मऊगंज में सनी को करंट लगाकर मारा था:आदिवासियों ने लाइट काटकर पुलिस पर किया था हमला, एसडीओपी को एक घंटे बंधक रखा सुबह पिता का फोन आया, रात को मौत की खबर:बेटे की शादी की तैयारी कर रहे थे एएसआई गौतम; मऊगंज हमले में हत्या हुई हत्या को छिपाने किया पुलिस पर हमला, एएसआई का मर्डर:मऊगंज के गांव में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात; मृतक के परिजन ने घर छोड़ा मऊगंज कलेक्टर अजय श्रीवास्तव, एसपी रसना ठाकुर को हटाया:2015 बैच के IAS संजय कुमार जैन को जिले की जिम्मेदारी, दिलीप सोनी बने एसपी मऊगंज हमले में जान गंवाने वाले एएसआई पंचतत्व में विलीन:आदिवासी परिवार ने की थी हत्या; सीएम ने कहा-शहीद का दर्जा मिलेगा, परिवार को 1 करोड़


