पूर्व मंत्री बोली पुलिस अधिकारी के साथ ही दुर्व्यवहार:प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी हावी, उदयपुर फाइल जैसी कई फाइलें BJP की, जनता ठगा महसूस कर रही

पूर्व मंत्री ममता भूपेश सोमवार को जोधपुर पहुंची। उन्होंने जोधपुर में SC ST मोर्चा की बैठक ली ओर आगामी रणनीति और संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा की। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। हाल ही में जोधपुर में एक पुलिस अधिकारी के साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर भी शहर ओर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। कहा कि ब्यूरोक्रेसी प्रदेश में हावी है। जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सरकार में अनुभव कम है। इसके चलते प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी हावी है। यहां जोधपुर में एक पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार हुआ। जब प्रदेश में पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित ही नहीं है तो शहर की कानून व्यवस्था क्या स्थिति में चल रही होगी। इन घटनाओं से एक तरह से लोगों का भाजपा सरकार से विश्वास खत्म हो गया हैं।
उन्होंने जोधपुर में विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यहां पर मुख्यमंत्री के तौर पर अशोक गहलोत के कार्यकाल में जोधपुर को नई नई सौगातों से नवाजा जाता था, लेकिन अब जोधपुर के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। पूर्व की गहलोत सरकार के समय बजट के अंदर जोधपुर संभाग प्राथमिकता से रहता था, लेकिन अभी तीसरा बजट भजनलाल सरकार का आया है, लेकिन जोधपुर के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। जबकि जनता ने यहां से विधायक को जिताकर भेजा, लेकिन प्रदेश ओर खासतौर पर जोधपुर की जनता ठगा सा महसूस कर रही है। इनकी सरकार का कोई विजन नहीं है। विकास के मुद्दों पर बात नहीं कर रहे हैं। केवल लोगों को धर्म और जाति में बांटा जा रहा है।
उन्होंने सवाईमाधोपुर के पूर्व सांसद सुखबीर जौनपुरिया के कंबल बांटने को लेकर भी हमला बोला। कहा कि पहले कंबल बांट रहे हो, फिर वापस कंबल ले रहे हो यह कौन सा तरीका है। इस तरह से राजस्थान को धर्म और जाति के आधार पर बांटने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि राजस्थान वीरों का प्रदेश है। यहां सभी लोग प्यार और मोहब्बत से रहते हैं। जबकि जौनपुरिया जी बाहर के रहने वाले हैं उन्हें राजस्थान के कल्चर, परम्परा के बारे में पता नहीं है। उन्हें किसी की बेइज्जती करने का अधिकार उनको नहीं है। राजस्थान की जनता को कंबल नहीं, प्यार मोहब्बत चाहिए। ममता ने कहा कि आप किसी भी व्यक्ति के सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते। जौनपुरिया सांसद बन गए तो उन्हें ये अधिकार नहीं है कि वो किसी की बेइज्जती नहीं करें। बाहर के जनप्रतिनिधि जो गलती से एक बार जीत गए उन्हें ये अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार मुद्दों को दबाने का काम कर रही है।
उदयपुर ओर ऐप्सटिन फाइल को लेकर भी उन्होंने हमला बोला। कहा कि देश के प्रधानमंत्री पद पर नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेई, मनमोहन सिंह सहित कई प्रधानमंत्री रहे जिन्होंने इस देश को आगे बढ़ने का काम किया l। आज इस प्रधानमंत्री पद की कुर्सी को लेकर भी एपस्टिन फाइल को लेकर जो चर्चाएं चल रही है उसको लेकर प्रधानमंत्री को क्लेरिफिकेशन देना चाहिए। जनता को बदनाम करने वालों को जवाब देना चाहिए। यदि ये बातें झूठी है तो उन्हें देश को क्लियर करना चाहिए। क्योंकि विदेशों के अंदर बड़े बड़े पदों पर बैठे लोगों ने इस्तीफे दे दिए। इसलिए इस फाइल में जिनका भी नाम आए उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए। प्रदेश में उदयपुर फाइल को लेकर चल रही चर्चाओं पर कहा कि कई तरह की फाइलें इनकी आ रही है। भाजपा की सरकार जिसे डबल इंजन की सरकार कहते हैं। मुद्दों को दबाना इनका काम है। प्रधानमंत्री कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते हैं। जबकि हमारे प्रदेश के नेता मुद्दों पर बात करते हैं चाहे गहलोत हो या। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ये सभी मुद्दों की बात सदन में रखते हैं। राजस्थान को शर्मसार करने वाली घटनाएं होती है तो सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

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