मध्यप्रदेश सरकार की ओर से प्रस्तुत बजट 2026 को लेकर नरसिंहपुर जिले में राजनीतिक, शैक्षणिक, व्यापारिक और छात्र संगठनों के बीच विविध प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां सत्तापक्ष से जुड़े जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने इसे विकासोन्मुखी और जनहितैषी बताया, वहीं विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों ने इसे लोकलुभावन और भेदभावपूर्ण करार दिया है। पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने बजट को जनहितैषी और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि नहरों के विस्तार और सिंचाई योजनाओं पर विशेष जोर से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सड़कों और बुनियादी ढांचे से जिले में विकास बढ़ेगा सड़कों और बुनियादी ढांचे के लिए किए गए प्रावधानों से गोटेगांव सहित पूरे जिले में विकास की नई लहर आएगी। तेंदूखेड़ा विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल ने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को गति देने वाला बजट बताया। भाजपा जिलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक ने कहा कि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत यह 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। सबसे बड़े बजट में कृषि, शिक्षा और विकास शामिल इसमें अधोसंरचना, उद्योग, नगरीय विकास हेतु ‘द्वारका योजना’, कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों के लिए प्रावधान तथा लाड़ली बहना योजना के लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है। उन्होंने 15 हजार शिक्षकों की भर्ती और स्कूलों में मुफ्त दूध वितरण की घोषणाओं का भी उल्लेख किया। इसके विपरीत, पूर्व विधायक संजय शर्मा ने बजट को ‘बंद मुट्ठी में लड्डू’ जैसा सपना बताते हुए इसे जनता के साथ छलावा करार दिया। छात्रों ने कॉलेज, छात्रावास और कोर्स बजट बढ़ाने की मांग एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ईशान राय ने जिले को इंजीनियरिंग व कृषि कॉलेज से वंचित रखने पर नाराजगी व्यक्त की। पूर्व छात्र नेता कु. ओशी कुशवाहा ने छात्रावासों की संख्या बढ़ाने, बस पास में छूट तथा आईटीआई व स्किल डेवलपमेंट कोर्स के लिए अधिक बजट की मांग की। व्यापारी वर्ग से सराफ व्यवसायी सजल नेमा ने बजट को सकारात्मक दिशा में एक कदम बताया। हालांकि, उन्होंने रोजगार सृजन और महंगाई नियंत्रण पर और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कुल मिलाकर, बजट को लेकर जिले में समर्थन और विरोध दोनों स्वर मुखर रहे।


