पूर्व CM गहलोत-पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ की चाय पर चर्चा:क्रेन से कर्मचारी को ऊपर टांगा, MLA बने हनुमान, बुजुर्ग को कंधे पर बैठाकर 1 किमी चले

नमस्कार कांग्रेस विधायक के भाई की शादी में पूर्व उपराष्ट्रपति और पूर्व सीएम ने चाय पर चर्चा कर ली। दोनों ‘पूर्वों’ की कानाफूसी चर्चा का विषय है। धौलपुर में नगर परिषद की अतिक्रमण कार्रवाई के दौरान एक कर्मचारी क्रेन पर लटकर ‘सुपरमैन’ बन गया। बाड़मेर में भाटीजी ने पर्यावरण प्रेमी को कंधे पर उठाकर एक किलोमीटर की पदयात्रा की। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. धनखड़-गहलोत की कानाफूसी फागुन का मौसम आ गया है। इस मौसम में ‘पूर्व’ की हवा बहती है। ये हवा बसंत का संदेशा लाती है। अनुभवी लोग बताते हैं कि यह हवा हल्की, सुहानी और मंद समीर वाली होती है, जो सुगंध बिखेरती है। सेहत के लिए ‘पूर्व’ की हवा काफी उत्तम होती है। मौसम का असर दो ‘पूर्वों’ पर भी खूब दिखा। विधायकजी के भाई की शादी में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मुलाकात हो गई। खराब सेहत के कारण उन्होंने पद से त्यागपत्र दे दिया था। लेकिन शादी समारोह में पूर्व मुखिया से चाय पर चर्चा करते वक्त पूर्व उपराष्ट्रपति भले-चंगे दिखे। दोनों के बीच हुई कानाफूसी की चर्चा हो रही है। अब दुनिया कुछ भी कहे। हमें तो यह तस्वीर देखकर पुरवाई का एहसास हो गया। 2. क्रेन पर लटका ‘सुपरमैन’ कर्मचारी हमारे देश में संसाधनों की किस कदर कमी है, यह धौलपुर नगर परिषद की कार्रवाई में नजर आ गया। नगर परिषद ने अतिक्रमण की कार्रवाई करते हुए केबिन हटाए थे। कोर्ट के आदेश के बाद केबिनों को दोबारा रखना था। केबिन को नगर परिषद से ले जाने के लिए क्रेन पहुंच गई और ट्रैक्टर भी आ गया। लेकिन बिना बांधे केबिन को उठाया कैसे जाए ? बड़ा सवाल था। वक्त बीता जा रहा था। ऐसे में संविदा पर लगे एक कर्मचारी ने यह काम करने का बीड़ा उठाया। उसने कहा कि किसी तरह मुझे केबिन की छत पर पहुंचा दो। मैं केबिन को क्रेन से बांध दूंगा। यह कौन सा मुश्किल काम? क्रेन वाले ने कहा- भैया लटक जाओ हुक से। कर्मचारी भी जान की परवाह किए बिना क्रेन के हुक से लटक गया। क्रेन ने उसे हवा में उठाया और केबिन की छत तक पहुंचा दिया। गनीमत रही कि सुपरमैन बने कर्मचारी के हाथ नहीं छूटे। 3. जब विधायक ने पर्यावरण प्रेमी को कंधे पर बैठाया लक्ष्मण जी जब मूर्छित हुए तो बजरंग बली पर्वत उठा लाए थे। ओरण (चारागाह की जमीन) बचाने के लिए विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर्यावरण प्रेमी सुमेर सिंह को कंधों पर उठाकर एक किलोमीटर तक पैदल चले। भाटी बाड़मेर के शिव से निर्दलीय विधायक हैं। ओरण बचाने के लिए कई बार धरना-प्रदर्शन में शामिल रहे हैं। गांवों में रात गुजार चुके हैं। ओरण बचाओ पदयात्रा जैसलमेर के तनोट माता मंदिर से शुरू हुई है। पदयात्रा जयपुर तक 725 किलोमीटर की है। यात्रा जोधपुर के बालेसर पहुंची तो भाटी भी इसमें शामिल हो गए। देखा कि 70 साल के पर्यावरणप्रेमी सुमेर सिंह जी काफी पैदल चल चुके तो भाटी जी ने उन्हें कंधे पर उठा लिया। एक किलोमीटर तक इसी तरह चले। फिर बालेसर में ही रात्रिविश्राम का कार्यक्रम था। पदयात्री जमीन में गद्दे लगाकर सो रहे थे। भाटी भी वहीं जगह देखकर लेट गए। काफी थक गए थे, तो लेटते ही नींद आ गई। आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा- ओरण बचाने का यह संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए है। ओरण पूर्वजों की विरासत है। इन्हें विकास के लिए खत्म नहीं होने देंगे। 4. चलते-चलते… रील के लिए क्या कुछ नहीं हो रहा। 15 सेकेंड की रील के लिए लोग जिंदगी को दांव पर लगा देते हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो की भरमार है। एक वीडियो में दो युवक ट्रक के पीछे बाइक दौड़ा रहे हैं। बाइक ट्रक से एक-दो इंच की दूरी पर चला रहे हैं। दोनों युवकों ने हेलमेट भी नहीं लगा रखा। दोनों के पास अमर पट्‌टा भी नहीं कि गिर-पड़ गए तो खरोंच भी नहीं आएगी। उन्हीं के साथी दूसरी बाइक पर हैं, जो उनका वीडियो बना रहे हैं। ऐसे यार हों तो दुश्मन की क्या कमी? रोकने की बजाए उनका वीडियो बना रहे हैं। एक और वीडियो दो नौजवानों का है, जो थार चला रहे हैं। थार के नाम से ही बदमाशी टपकने लगी है। शरीफ आदमी काली थार लेकर रोड पर निकल जाए तो पग-पग पर पुलिस रोक लेती है। न गाड़ी में दोष और न गाड़ी के रंग में। ड्राइव करने वाला ही गाड़ी को बदनाम कर देता है। थार चला रहे दोनों युवकों ने राजस्थानी बुजुर्गों का गेट-अप ले रखा है। सिंगल रोड पर तेज रफ्तार से कार दौड़ा रहे हैं। इस दौरान गानों पर नाच भी रहे हैं। जिस तरीके से हिल-डुल रहे हैं, ऐसा लगता है नजर हटने वाली है और…। इस कार में भी तीसरा साथी वीडियो बना रहा है। ऐसे यार हों तो…। इनपुट सहयोग- भरत मूलचंदानी (अजमेर), नीरज चौधरी (धौलपुर), विजय कुमार (बाड़मेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *