छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भीषण गर्मी के बीच दूरस्थ गांवों में जल संकट गहराता जा रहा है। पेंड्रा ब्लॉक के बहरीझोरकी गांव में स्थिति चिंताजनक है। यह गांव खरडी पंचायत और तिलोरा ग्राम पंचायत का हिस्सा है। गांव में लगभग 400 लोग निवास करते हैं। यहां पहुंचने के लिए दुर्गम पहाड़ी रास्तों से गुजरना पड़ता है। गांव तक न तो पक्की सड़क है और न ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था। जल जीवन मिशन के तहत कुछ काम हुआ है, लेकिन वह अभी तक चालू नहीं हो पाया है। कुओं और झरनों से लाना पड़ता है पानी ग्रामीणों को पीने का पानी दूर स्थित कुओं और झरनों से लाना पड़ता है। खराब रास्तों पर सिर पर पानी ढोकर लाना उनकी मजबूरी है। स्थिति यह है कि आपातकाल में एम्बुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती। गांव से मुख्य बाजार और अस्पताल की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। साधन न होने के कारण ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचने में भी कठिनाई होती है। ग्रामीणों ने सुशासन तिहार के दौरान जल और सड़क की समस्या का समाधान करने की मांग की थी। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।


