गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की छठवीं वर्षगांठ और अरपा महाउत्सव के अवसर पर पेंड्रा बाइपास निर्माण का मुद्दा एक बार फिर उठा। कोटा के विधायक अटल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इस परियोजना की औपचारिक घोषणा करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा कि भूमि अधिग्रहण में कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, लेकिन राशि की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। विधायक अटल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि पेंड्रा बाइपास की मांग वर्ष 2016-17 से लंबित है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से पेंड्रा नगर की यातायात समस्या का स्थायी समाधान होगा। वर्तमान में भारी वाहनों और बाहरी यातायात के कारण नगर के भीतर आए दिन जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विधायक पहले भी कर चुके हैं निर्माण की मांग विधायक अटल ने याद दिलाया कि वे इससे पहले भी वर्ष 2024 में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन अतिथि बृजमोहन अग्रवाल के समक्ष यह मांग प्रमुखता से रख चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने वर्ष 2024 में विधानसभा के पटल पर भी पेंड्रा बाइपास का मुद्दा उठाया था और सरकार से शीघ्र निर्माण की मांग की थी। उन्होंने यह भी बताया कि पेंड्रा बाइपास परियोजना के लिए पूर्व में टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है, बावजूद इसके अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्रवासियों में निराशा है। विधायक ने जोर दिया कि यह बाइपास न केवल पेंड्रा नगर को जाम से मुक्ति दिलाएगा, बल्कि जिले के समग्र विकास, व्यापार, परिवहन और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। अरपा महाउत्सव और जिला स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री से सीधे तौर पर घोषणा की मांग करते हुए विधायक अटल ने उम्मीद जताई कि सरकार जनता की वर्षों पुरानी इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।


