पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 20% बढ़कर ₹3,446 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं नेट लॉस में भी भारी कमी आई है, जो अब ₹490 करोड़ रह गया है। हालांकि, इन मजबूत नतीजों के बावजूद शेयर बाजार में कंपनी के प्रति सेंटीमेंट थोड़ा कमजोर दिखा और आज इसके शेयर करीब 3% तक फिसल गए। पेटीएम ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी की ऑपरेशनल इनकम में अच्छी ग्रोथ रही है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹2,850 करोड़ था, जो अब 20% उछलकर ₹3,446 करोड़ हो गया है। नेट लॉस कम होकर ₹490 करोड़ पर आया कंपनी का नेट लॉस जो पहले ₹550 करोड़ के करीब था, वह अब कम होकर ₹490 करोड़ के स्तर पर आ गया है। कंपनी का कहना है कि पेमेंट बिजनेस और फाइनेंशियल सर्विसेज के विस्तार के कारण रेवेन्यू में यह बढ़त देखने को मिली है। इतने अच्छे रिजल्ट के बाद शेयर क्यों गिरे? नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने के बावजूद शेयर बाजार में पेटीएम के स्टॉक में बिकवाली देखी गई। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से शेयरों में जो तेजी थी, उसके बाद निवेशकों ने ‘प्रॉफिट बुकिंग’ (मुनाफा वसूली) की है। सुबह कारोबार शुरू होते ही शेयर लाल निशान पर खुले और एक समय पर यह 5% नीचे ट्रेड कर रहे थे। बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी शायद इस तिमाही में ब्रेक-ईवन (नो लॉस, नो प्रॉफिट) के करीब पहुंच जाएगी, लेकिन लॉस जारी रहने से निवेशकों ने सावधानी बरती। ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू में 40% की बढ़त कंपनी के लिए सबसे राहत की बात इसका प्लेटफॉर्म यूसेज बढ़ाना है। पेटीएम के जरिए होने वाले कुल ट्रांजैक्शन की वैल्यू यानी ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) में सालाना आधार पर 40% से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की गई है। मर्चेंट सब्सक्रिप्शन की संख्या भी अब 1 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। कंपनी का फोकस अब साउंडबॉक्स और कार्ड मशीनों जैसे डिवाइसेज से रेवेन्यू जेनरेट करने पर है। लोन डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में सुस्ती के संकेत RBI के अनसिक्योर्ड लोन (बिना गारंटी वाले कर्ज) पर सख्ती के बाद पेटीएम के लोन डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में थोड़ी सुस्ती देखी गई है। कंपनी का दावा है कि वे हाई-क्वालिटी लोन्स पर फोकस कर रहे हैं। हालांकि, पिछली कुछ तिमाहियों के मुकाबले लोन ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। मैनेजमेंट ने कहा कि वे अब पोस्टपेड लोन के बजाय पर्सनल लोन और मर्चेंट लोन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। पेटीएम के भविष्य को लेकर एनालिस्ट्स की राय पेटीएम के भविष्य को लेकर मार्केट एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन जैसे ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ की तारीफ की है, लेकिन रेगुलेटरी चुनौतियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कंपनी अगली दो तिमाहियों में अपने घाटे को और कम कर लेती है, तो शेयर में फिर से रिकवरी देखी जा सकती है।


