अजमेर में महिला लेक्चरर की पेट दर्द के चलते मौत हो गई। पेट दर्द की शिकायत पर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का आरोप है कि आईसीयू में भर्ती करने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने पेट दर्द की जगह बीपी का इलाज किया। सीटी स्केन के बाद भी पेट की जांच नहीं की और सोनोग्राफी के लिए डबल पैसों की मांग की। हालत बिगड़ने पर देर रात जनाना हॉस्पिटल रेफर कर दिया, जहां ऑपरेशन के दौरान ज्यादा खून बहने से मौत हो गई। जयपुर के शाहपुरा निवासी विजय ने बताया कि 25 अप्रैल की रात को भाभी अनिता मेहरड़ा (31) पत्नी अजय नारवारा को क्षेत्रपाल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया था। मृतका ब्यावर जिले के दौलतपुरा में भूगोल की लेक्चरर थी। भाभी तीन साल के बेटे देवेन की मां थी। मामले में क्षेत्रपाल हॉस्पिटल का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। महिला लेक्चरर के पति ने कही 3 बड़ी बातें… …………………………… ये खबर भी पढ़ें…
मुफ्त इलाज योजना में फर्जीवाड़ा, सुशीला को बनाया सुशील:मेडिकल स्टोर-डॉक्टर्स की मिलीभगत से करोड़ों का चूना, 25 हॉस्पिटल योजना से बाहर राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों के लिए बनी मुफ्त इलाज योजना (आरजीएचएस) में करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा सामने आया है। डॉक्टर और मेडिकल स्टोर संचालक मिलकर फर्जी बिल बनाकर उन दवाइयों का भुगतान उठा रहे थे, जो कभी बेची ही नहीं गई। पूरी खबर पढ़िए


