भास्कर न्यूज | कोरबा जिला अस्पताल परिसर के पीछे हिस्से में अब जल्द ही 40 बिस्तर का आई हॉस्पिटल व नेफ्रोलॉजी सेंटर का निर्माण शुरू हो जाएगा, क्योंकि चिन्हित जमीन पर कई माह से अटकी पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया अनुमति मिल चुकी है। जिला अस्पताल परिसर में लगभग 1.92 लाख की लागत से 40 बिस्तर के आई हॉस्पिटल स्वीकृत है, जिसका निर्माण सीजीएमएससी कराएगा। आई हॉस्पिटल के निर्माण के लिए अस्पताल परिसर के पीछे हिस्से की जमीन को चिन्हित किया गया है। आई हॉस्पिटल का निर्माण के लिए टेंडर भी हो चुका है, लेकिन स्वीकृत स्थल पर इमारती पेड़ों के होने की वजह से निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। 8 माह पहले सीजीएमएससी ने पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग को पत्र लिखा था। वन विभाग ने डिमांड राशि जमा करने को कहा तो उसमें देरी हुई। पत्राचार और रकम जमा करने के बाद वन विभाग से पेड़ों की कटाई की अनुमति मिल गई। वर्तमान में वन विभाग ने पेड़ों की कटाई भी शुरू कर दी है। जिस स्थान पर पेड़ोें की कटाई हो रही है, वहां नेफ्रोलॉजी सेंटर का निर्माण स्वीकृत है। इस तरह अब पेड़ कटाई पूरा होने के बाद आई हॉस्पिटल के साथ ही नेफ्रोलॉजी सेंटर का निर्माण भी शुरू हो जाएगा। जिला अस्पताल में वर्तमान में नेत्र रोग विभाग का ओपीडी व आईपीडी तो एक ही छत के नीचे संचालित है, पर ओटी अलग से नहीं है। कॉमन ओटी में ही नेत्र रोग मरीजों की आंखों का ऑपरेशन होता है, पर 40 बिस्तर का आई हॉस्पिटल सर्वसुविधायुक्त होगा। यहां ओपीडी, आईपीडी समेत ऑपरेशन थियेटर एक ही छत के नीचे होगा। आई हॉस्पिटल के बाद आई बैंक भी खुलने का रास्ता साफ हो जाएगा। भविष्य में कॉर्निया ट्रांसप्लांट भी हो सकेगी। जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज संबद्ध होने से नेत्र रोग विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टर पदस्थ हैं, इसलिए पहले से अधिक नेत्र रोगी पहुंचने लगे हैं। रोजाना औसतन 80 मरीज नेत्र रोग विभाग पहुंचते हैं। वहीं आईपीडी क्षमता भी 20 मरीजों की है। आई हॉस्पिटल बनने के बाद बेड क्षमता दोगुनी होने के साथ ही सुविधा बढ़ने से मरीजों की संख्या बढ़ेगी। कोरबा समेत पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सुविधा का लाभ मिलेगा।


