भास्कर न्यूज |गुमला जिले के रायडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत बोकटा गांव में सोमवार को शाम करीब 4 बजे अचानक मौसम में बदलाव होने व बारिश होने के बाद भींगे बछड़े का पेड़ के नीचे खड़े होकर पानी पोंछने के दौरान हुए वज्रपात की चपेट में आने से 65 वर्षीय किसान भैयाराम उरांव 90 प्रतिशत झुलस गया। उसकी स्थिति गंभीर है। सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज हेतु रांची रिम्स रेफर कर दिया गया है। ऐसे समाचार लिखे जाने तक उसका सदर अस्पताल में ही इलाज जारी था। बताया जाता है कि घटना के वक्त भैया राम उरांव अपने घर के पास लगे बारी में सब्जियों की रखवाली कर रहा था। तभी अचानक मौसम बदल गया। बूंदाबांदी होने लगी। इस बूंदाबांदी में किसान के मवेशी का एक बछड़ा भींग गया। जिसे भींगा देख वह पेड़ के नीचे बंधे मवेशियों के पास चला गया। इसके बाद वह बछड़े का पानी पोछने लगा। तभी इसी दौरान बारिश तेज हो गई और बिजली चमकने लगा। यह देख किसान की मासूम पोती छाता लेकर उन्हें घर चलने के लिए बुलाने आ गई। मगर दादा पीछे से आने की बात कहकर उसे लौटा दिया। मासूम पोती के लौटते ही अचानक वज्रपात हुआ। जो पेड़ के नीचे गिरा और बछड़े के साथ साथ किसान को चपेट में ले लिया। चपेट में आने से बछड़े की मौके पर मौत हो गई। जबकि किसान पूरी तरह झुलस गया। उसके शरीर के पूरे कपड़े जल गए। वह घटनास्थल पर कराहने लगा। उसके कराहने की आवाज सुनकर बगल के खेत की रखवाली कर रही एक युवती उन्हें गंभीर देख समय रहते उसके परिजनों को सूचना दी। फिर परिजन उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।


