पेपरलेस होगी अगली निगम हाउस मीटिंग, 95 पार्षदों को मिलेंगे टैब; सालाना 5 लाख की बचत

लुधियाना| आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में अब नगर निगम भी खुद को अपग्रेड करने जा रहा है। निगम की एफ एंड सीसी और जनरल हाउस बैठकों में पेश होने वाले कागजी एजेंडे पूरी तरह बंद किए जाएंगे। अब सभी एजेंडे पार्षदों को ऑनलाइन भेजे जाएंगे और प्रस्ताव राज्य सरकार के एनआईसी पोर्टल पर अपलोड रहेंगे। इस नई व्यवस्था से हर साल बैठकों में छपने वाले करीब 5 लाख रुपए के कागज का खर्च बचेगा। साथ ही एजेंडा बांटने में लगने वाली मैनपावर और समय की भी बचत होगी। निगम का दावा है कि इससे मीटिंगें पूरी तरह पेपरलेस और पारदर्शी बनेंगी। इसकी पुष्टि निगम कमिश्नर डा नीरू कत्याल गुप्ता ने की है। उन्होंने कहा कि यद्यपि पेपर लेस वर्किंग के लिए रखी गई डेडलाइन में एजेंडा पूरा नहीं हो पाया है लेकिन अगली हाउस मीटिंग में सभी पार्षदों के पास टैब उपलब्ध होंगे। निगम की वर्किंग पेपरलेस कर दी जाएगी। पेपरलैस होने से प्रोजेक्टों में हेराफेरी या घोटाले की संभावना भी कम होगी। निगम का पूरा रिकॉर्ड होगा डिजिटल निगम ने दूसरा बड़ा कदम सभी ब्रांचों का रिकॉर्ड भी डिजिटल करने का उठाया है। इसके लिए टेंडर जारी किया गया है। जो कंपनी सबसे कम दर पर काम लेगी, उसे मैनुअल रिकॉर्ड स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। डिजिटल रिकॉर्ड होने से फाइलों के गुम होने, चोरी होने या आग में जलने जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी। हर पार्षद की डिजिटल सहमति दर्ज होगी निगम सभी 95 पार्षदों को एप्पल के टैब उपलब्ध कराएगा। एजेंडे सीधे टैब पर भेजे जाएंगे, जिससे पार्षदों को प्रस्ताव पढ़ने और समझने का पूरा समय मिलेगा। जनरल हाउस मीटिंग के दौरान प्रस्तावों पर सहमति या असहमति का विकल्प ऑनलाइन मौजूद रहेगा। अब तक सत्ताधारी पक्ष की सहमति पर प्रस्ताव आगे सरकार को भेज दिए जाते थे, लेकिन नई प्रणाली में हर पार्षद की डिजिटल सहमति दर्ज होगी और प्रस्ताव सीधे ऑनलाइन सरकार तक पहुंचेगा।

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