चित्तौड़गढ़ में पैलेस ऑन व्हील का इस साल का आखिरी फेरा था। इस सीजन में पहली बार 6 गाइड की जरूरत पड़ी। शाही ट्रेन में इस सीजन में पहली बार 55 पर्यटक आए थे। इसके बाद सभी गाइड ने अपनी खुशी जाहिर की। उनका कहना था कि बरसात के बाद से मार्च महीने तक का सीजन पर्यटकों का रहता है। इस दौरान उनकी इनकम भी होती है। फिलहाल पैलेस ऑन व्हील में पर्यटकों ने मार्च महीने तक अपनी बुकिंग कर रखी है। शुक्रवार शाम को पैलेस ऑन व्हील चित्तौड़गढ़ पहुंची थी। ट्रेन में 55 पर्यटक मौजूद थे। चित्तौड़गढ़ दुर्ग भ्रमण के बाद पर्यटक वापस शाही ट्रेन में पहुंचे और करीब रात के 2 बजे चित्तौड़गढ़ से रवाना हुए। इस साल का यह आखिरी फेरा था। इस सीजन में पहली बार 55 पर्यटकों के आने के कारण 6 गाइड त्रिलोक सालवी, उम्मेद सिंह, पार्वती सुखवाल, मुकेश खटीक, सतीश सुखवाल, बीना सुखवाल की जरूरत पड़ी। गाइड त्रिलोक सालवी ने बताया कि इससे पहले ट्रेन में 48 पर्यटक आ चुके थे, जबकि 55 पर्यटक पहली बार आए। इसके अलावा पिछले सीजन में सबसे ज्यादा 72 पर्यटक आए थे। अभी भी अच्छे पर्यटकों के आने की संभावना है। लाइट एंड साउंड देखकर खुश हुए पर्यटक उन्होंने बताया कि दो बुजुर्ग दंपति भी आए थे, जो पहले चित्तौड़गढ़ घूम चुके थे। उन्होंने शाही ट्रेन में तो नहीं लेकिन 10 साल पहले चित्तौड़गढ़ घूम कर गए थे। उस दौरान लाइट एंड साउंड नहीं देखा था। इस बार लाइट एंड साउंड देखकर उन्हें काफी खुशी हुई और उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ के इतिहास के बारे में जानने के लिए यह सबसे उचित जरिया है। पहली बार शाही ट्रेन में आने का और राजस्थान घूमने का उनका अनुभव भी काफी अच्छा रहा है। मार्च तक की है बुकिंग सालवी ने कहा कि शाही ट्रेन में राजस्थान घूमने अपने आप में एक अलग ही अनुभव का एहसास दिलाता है। शाही ट्रेन का मार्च महीने तक फेरा होगा। मार्च महीने तक पर्यटकों की बुकिंग हो चुकी है। अप्रैल महीने में भी कुछ बुकिंग हुई है लेकिन अगर ज्यादा गर्मी पड़ती है तो यह बुकिंग कैंसिल कर दी जाएगी। जबकि अगर मौसम अनुकूल रहा तो अप्रैल महीने में भी एक-दो फेरा करवाया जा सकता है। गाइड ने बताया कि बरसात से ठंड के महीने तक की पर्यटकों के आने का सिलसिला जारी रहता है। गर्मी के महीनों में कुछ ही पर्यटक दुर्ग पर आते हैं। ऐसे में गर्मी के कुछ महीने बिल्कुल भी इनकम नहीं हो पाती है। खुशी की बात है कि शाही ट्रेन को मार्च महीने तक चलाया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो सबके अच्छे रोजगार की उम्मीद हो सकती है।


