पॉक्सो के मामले में विचाराधीन कैदी को मिला न्याय:लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अधिवक्ताओं ने कैदी की निशुल्क पैरवी की

राजसमंद में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता से गरीब कैदी को न्याय दिलाया गया। निशुल्क विधिक सहायता अधिवक्ता ने मामले में पैरवी की। पॉक्सो एक्ट में विचाराधीन कैदी को दोषमुक्त किया गया। प्राधिकरण सचिव संतोष अग्रवाल के अनुसार पॉक्सो कोर्ट राजसमंद के विचाराधीन कैदी निर्धन होने के कारण अधिवक्ता नियुक्त करने में असमर्थ था। कैदी को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संचालित लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के जरिए निशुल्क विधिक सहायता अधिवक्ता की सेवाएं उपलब्ध करवाई। प्रकरण में भीम पुलिस ने एक मई 2024 को पॉक्सो एक्ट में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कोर्ट में चालान पेश किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से भी गवाह पेश किये गये। कोर्ट ने दोनों पक्षकारों की बहस सुनने के बाद आरोपी को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त घोषित किया। इस मामले में निशुल्क विधिक सहायता अधिवक्ता नारायण लाल तेली, भोपाल सिंह राव, ऋतु शर्मा, प्रखर खण्डेलवाल व प्रभाव सिंह ने प्रतिरक्षा अधिवक्ता के रूप में प्रकरण में पैरवी कर कैदी को न्याय दिलाने मे सहयोग प्रदान किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा महिला, बच्चे, दिव्यांगजन, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, आपदा पीड़ितों, 3 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले व्यक्तियों, बेगार से पीड़ित व्यक्ति, न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध व्यक्ति, औद्योगिक कर्मकार, अनैतिक व्यापार से पीड़ित व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है।

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