पोर्टल पर शिकायत का 10 दिन में निपटारा जरूरी

भास्कर न्यूज|अमृतसर डिजिटल गवर्नेंस और त्वरित समाधान का दावा करने वाला पीजीआरएस सिस्टम निगम के लापरवाह अफसरों के आगे बेबस नजर आ रहा है। नगर निगम और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के 97 अफसरों के पास 403 अलग-अलग तरह की शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कराई गई हैं। जिनका निपटारा 10 दिन के बाद भी अफसर नहीं करा पाए हैं। ऑनलाइन सिस्टम लोगों की सुविधा की बजाए दुविधा बन चुका है। 14 सिटीजन ने शिकायतों का निपटारा कराने से असंतोष जाहिर करते हुए रिकंपलेन की है, जो अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। फिलहाल, इन शिकायतों की जांच री-ओपन कर फिर से की जा रही है। हैरानीजनक तो यह है कि निगम के 14 बड़े अफसरों के पास 179 शिकायतें लंबित हैं। जो कुल पेंडेंसी का अकेले 44.41% है। जबकि 10 दिन से अधिक की पेंडेंसी 255 तक पहुंच गई है। जेई नरिंदर शर्मा 18, जेई रमन कुमार 16, जेई गुरजीत सिंह 14, जेई दिलबाग सिंह 13, जेई अनुदीपक सिंह 13, टीई ट्रस्ट इंजीनियर अमनदीप सिंह 13, असिटेंट इंजी. करन कुमार 11, जेई नितिन धीर 11, जेई तुषार शर्मा 10, एडीसी शहरी 10, जेई राजेश शर्मा 10, (एसआई) सेनेटरी इंस्पेक्टर अमरीक सिंह 10, एसआई रमन कुमार 10, एई गुरप्रीत सिंह 10 फाइलों की पेंडेंसी बनी हुई है। गौर हो कि पोर्टल पर शिकायत 10 दिन से अधिक हो जाए तो रेड जोन में शो करने लगता है जिसे पेंडेंसी में गिना जाता है। 7 दिन में निपटारा करा दिया जाए तो सेफ डेडलाइन माना जाता है। जबकि निपटारे की अवधि 21 दिन की होती है। फिलहाल, पेंडेंसी का जो हाल बना हुआ है, उससे अफसरों के दावों की पोल खोल दी है। पीजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निवारण में देरी पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के प्रावधान हैं। यदि 21 दिन का समय पूरा हो जाता है या समाधान फर्जी पाया जाता है, तो अफसरों को शोकॉज नोटिस जारी किया जाता है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इसे सेवा रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। यदि कोई अधिकारी बार-बार शिकायतों को लटकाता है या री-ओपन मामलों में दोषी पाया गया (यानी गलत जानकारी देकर शिकायत बंद की), तो उसके खिलाफ नियम 7 मेजर पेनाल्टी या नियम 8 माइनर पेनाल्टी के तहत चार्जशीट जारी की जा सकती है। इसके बाद विभागीय जांच बैठाई जाती है। पेंडेंसी का डेटा सीधे अधिकारी की एसीआर पर असर डालता है। एसीआर (एन्युअल कांफिडेंशियल रिपोर्ट) से जुड़ा होता है। यदि पोर्टल पर पेंडेंसी रेड जोन (10-21 दिन से अधिक) में रहती है, तो अधिकारी की ग्रेडिंग गिर जाती है। खराब एसीआर का सीधा असर उनके प्रमोशन और इन्क्रीमेंट पर पड़ता है।

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