समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए शुरू हुआ पंजीयन पहले ही हफ्ते में तकनीकी खामी की भेंट चढ़ गया है। 7 फरवरी से पंजीयन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद विभागीय पोर्टल पर किसानों की फसल की गिरदवरी नहीं दिख रही है। इसका सीधा असर यह हुआ कि गांव-देहात से पंजीयन कराने पहुंचे किसान केंद्रों से निराश होकर लौट रहे हैं। हालात यह हैं कि तीन दिन में जिलेभर में महज 24 किसान ही पंजीयन करा सके हैं। जिले में हर साल समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 75 हजार से ज्यादा किसान पंजीयन कराते हैं। लेकिन रबी विपणन वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही व्यवस्था चरमरा गई है। पहले दिन से ही पोर्टल पर फसल का विवरण प्रदर्शित नहीं हो रहा है। इससे किसानों का रजिस्ट्रेशन आगे नहीं बढ़ पा रहा। जिले में गेहूं उपार्जन के लिए कुल 117 पंजीयन केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र, निजी साइबर कैफे और सहकारी समितियों के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं। बावजूद इसके तकनीकी दिक्कत के कारण केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च तय है। जिला मुख्यालय स्थित सहकारी सोसायटी पर पंजीयन कराने पहुंचे किसान रामबाबू लोधी ने बताया कि पोर्टल पर उनके खेत में बोई गई फसल का विवरण नहीं दिख रहा समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 7 फरवरी से पंजीयन शुरू हो गया है। अब तक 24 किसानों ने पंजीयन कराया है। पोर्टल पर गिरदावरी नहीं दिखने की समस्या सामने आई है, जिसे कृषि विभाग से समन्वय कर जल्द ठीक कराया जा रहा है। -राजू कातुलकर, जिला आपूर्ति अधिकारी, रायसेन


