प्यार में ज्यादा खिलाना पड़ रहा भारी, पेट्स हो रहे मोटापे का शिकार

शहर में पालतू कुत्तों और बिल्लियों को परिवार का मेंबर मानने का चलन बढ़ा है, लेकिन प्यार में जरूरत से ज्यादा खाना देना अब उनकी सेहत पर भारी पड़ रहा है। वेट क्लीनिक और पेट न्यूट्रिशन काउंसलिंग सेंटरों में मोटापे से जुड़े केस तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल दिखने की समस्या नहीं, बल्कि डायबिटीज, जोड़ों के दर्द, हृदय रोग और कम जीवनकाल जैसी गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। कई पालतू मालिक यह मान लेते हैं कि घर का बचा खाना या सामान्य पैकेट फीड काफी है, जबकि हर डॉग और कैट की उम्र, नस्ल, वजन और गतिविधि के अनुसार डाइट अलग होनी चाहिए। केस 1: वजन घटा, जोड़ों को राहत मिली पूजा गुप्ता अपने डॉग के बढ़ते वजन से परेशान थीं। मोटापे के कारण उसके जोड़ों पर दबाव था, चलने में सुस्त थी। जांच के बाद पेट न्यूट्रिशनिस्ट ने कैलोरी नियंत्रित और हाई प्रोटीन संतुलित डाइट प्लान तैयार किया। नियंत्रित वॉक और हल्की एक्सरसाइज से कुछ महीनों में वजन कम हुआ और जोड़ों की तकलीफ में सुधार दिखने लगा। केस 2: आहार से चमड़ी खराब, एलर्जी मंशा के डॉग कैडबरी को लगातार खुजली और स्किन रैश की समस्या थी। इसे मौसम का असर समझा लेकिन डाइट रिव्यू में सामने आया कि गेहूं आधारित फीड उसे सूट नहीं कर रहा। न्यूट्रिशनिस्ट ने डाइट बदली। कुछ ही हफ्तों में खुजली कम हो गई। समझ आया कि हर पालतू के लिए एक जैसा खाना सही नहीं होता। केस 3: खाना पच नहीं रहा था प्रीत के डॉग भटूरा को बार-बार दवा देने के बाद भी खाना पच नहीं रहा था। समीक्षा पर पता चला कि एक विशेष इंग्रीडिएंट उसे सूट नहीं कर रहा। उसे हटाकर संतुलित आहार देते ही समस्या नियंत्रित हो गई। जस वान्या सिंह, पेट न्यूट्रिशनिस्ट अचानक खाना बंद न करें, धीरे-धीरे घटाएं वजन पेट्स में मोटापा अधिक कैलोरी वाला भोजन, बार-बार ट्रीट्स, कम शारीरिक गतिविधि और नसबंदी के बाद धीमा मेटाबॉलिज्म प्रमुख कारण हैं। बॉडी कंडीशन स्कोर से यह आंका जा सकता है कि पालतू का वजन सामान्य है या नहीं। यदि पसलियां आसानी से महसूस न हों और कमर का आकार स्पष्ट न दिखे तो सतर्क हो जाना चाहिए। क्रैश डाइट बिल्कुल न अपनाएं। अचानक खाना कम करने से पोषण घट सकता है। रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट सैर या खेलकूद जरूरी है। संतुलित पोषण में प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज और पर्याप्त पानी शामिल होना चाहिए। पपी और किटन के लिए ग्रोथ सपोर्ट डाइट, जबकि सीनियर पालतुओं के लिए जोड़ों और इम्युनिटी को मजबूत करने वाला आहार जरूरी है।

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