भास्कर न्यूज | जालंधर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नूरमहल आश्रम परिसर में श्री गुरु रविदास महाराज जी के प्रकाश उत्सव के पावन अवसर पर भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रविदास महाराज जी द्वारा रचित गुरबाणी शबदों के मधुर गायन से हुई। “ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै” शब्द के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसने उपस्थित संगत को भक्ति और श्रद्धा के भावों से ओतप्रोत कर दिया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का मंच संचालन स्वामी मनेश्वरानंद द्वारा किया गया। इसके पश्चात स्वामी प्रेम जी ने संत रविदास महाराज जी की शिष्या रानी झाला से जुड़ी प्रेरणादायक कथा सांझा की, जिसमें गुरु-भक्ति, समर्पण और आत्मिक जागरण के भावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए साध्वी त्रिपदा भारती ने गुरु के प्रति पूर्ण विश्वास और श्रद्धा से जुड़े अनोखे एवं जीवनोपयोगी उदाहरण प्रस्तुत किए, जिससे संगत को अपने आध्यात्मिक जीवन में मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। पूरा कार्यक्रम श्रद्धा, सेवा और समरसता के भाव के साथ संपन्न हुआ।


