भास्कर न्यूज| कोमाखान स्थानीय नवीन शासकीय महाविद्यालय कोमाखान में इको टूरिज्म विषय पर एक दिवसीय विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन और उसमें छिपी रोजगार की संभावनाओं से अवगत कराना था। कार्यशाला का उद्घाटन प्रभारी प्राचार्य पीयूष कुमार द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को इको टूरिज्म की महत्ता समझाते हुए इसे भविष्य के लिए एक लाभकारी क्षेत्र बताया। इस कार्यशाला में कुल 50 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया, जिसे तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया था। प्रथम सत्र में वन्य जीव संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. अलोक कुमार साहू ने उदंती अभयारण्य के इको टूरिज्म गांवों का उदाहरण देते हुए स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। द्वितीय सत्र में रायपुर के पर्यावरण कार्यकर्ता पी. सी. रथ ने छत्तीसगढ़ में पर्यावरण चेतना और मनुष्य के जुड़ाव पर बात की। उन्होंने विद्यार्थियों से फीडबैक फॉर्म के जरिए डाटा एकत्रित किया, जो भविष्य में इस क्षेत्र की संभावनाओं को तलाशने में सहायक होगा। तृतीय सत्र में आरंग कॉलेज के प्रो. डॉ. अविनाश कुमार लाल ने इको टूरिज्म में रोजगार की संभावनाओं पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विषय को रोचक बनाया और छात्रों के विचार साझा किए। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण पत्र और मुख्य वक्ताओं को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। संचालन भारती साहू अतिथि व्याख्याता, अंग्रेजी ने किया। इस मौके पर आदिल अहमद, डॉ. टिकेंद्र साहू, डॉ. रंजना दुबे, हरीश चौहान, लता पटेल मौजूद थे।


