प्रकृति परीक्षण अभियान में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर रहा फर्स्ट:एनसीआईएसएम के जारी आंकड़ों के अनुसार 193.52% की स्ट्राइक रेट के साथ 2,38,609 लोगों का किया प्रकृति परीक्षण

देश के नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ‘देश का प्रकृति परीक्षण’ अभियान के अंतर्गत पूरे देश में आम जन का प्रकृति परीक्षण किया गया। अभियान के अंतर्गत पूरे देश में आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले संस्थानों द्वारा 26 नवम्बर से 25 दिसम्बर तक किए जाने वाले प्रकृति परीक्षण के आंकड़ों को एनसीआईएसएम की ओर से गुरुवार को जारी किया गया। एनसीआईएसएम द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार पूरे देश मे अभियान के अंतर्गत नागरिकों का प्रकृति परीक्षण किया गया। पूरे देश में प्रकृति परीक्षण करने वाले संस्थानों में से जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के चिकित्सकों द्वारा 2,38,609 नागरिकों का प्रकृति परीक्षण करके देश में प्रथम स्थान पर रहा। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने बताया- आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) के सहयोग से राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के चिकित्सकों द्वारा ‘देश का प्रकृति परीक्षण अभियान’ के अंतर्गत 26 नवम्बर से 25 दिसम्बर तक आमजन के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रकृति परीक्षण किया गया। अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर द्वारा 193.52% की स्ट्राइक रेट के साथ 2,38,609 लोगो का प्रकृति परीक्षण करने पर एनसीआईएसएम द्वारा राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान को प्रथम स्थान दिया गया है। कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने संस्थान को प्रथम स्थान मिलने पर कहा- देश के प्रकृति परीक्षण अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा इतनी बड़ी संख्या में आमजन का प्रकृति परीक्षण करने में संस्थान के चिकित्सकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों ओर कर्मचारियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, जिसके कारण पूरे देश के आयुष संस्थानों में से राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान को प्रथम स्थान मिला है। कुलपति ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के चिकित्सकों के साथ सरकारी और निजी संस्थानों, शिक्षण संस्थाओं, समाजसेवी संगठन एवं इस अभियान में जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग के लिये आभार जताया। कुलपति ने देश का प्रकृति परीक्षण अभियान से जुड़े सभी चिकित्सकों एवं अधिकारियों को धन्यवाद पत्र दिया। उन्होंने बताया इस अभियान के अंतर्गत अपना प्रकृति परीक्षण करवाने वाले लोगों को उनकी दोष-प्रकृति (शारीरिक प्रकृति) को समझने में सहायता मिलेगी और उन्हें स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर से देश का प्रकृति परीक्षण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया- आयुष मंत्रालय भारत सरकार की पहल पर पूरे देश के आयुर्वेद संस्थानों के साथ राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर द्वारा जयपुर के साथ अन्य जिलों में आमजन और युवाओं का बड़ी संख्या में प्रकृति परीक्षण किया गया। हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमारे शरीर की प्रकृति को जानना हम सभी के लिये बहुत जरूरी है इसके लिए इस अभियान को चलाया गया है। 26 नवम्बर से 25 दिसंबर तक अभियान के अंतर्गत सरकारी और निजी कार्यालय, संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों पर आमजन का राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के चिकित्सकों द्वारा प्रकृति परीक्षण करने के साथ उनके स्वास्थ्य से संबंधित सलाह भी दी गई।

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