राजस्थान की भजनलाल सरकार अपना तीसरा बजट 11 फरवरी को पेश करेगी। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी इसे प्रस्तुत करेंगी। इस बजट को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चाएं हैं, विशेषकर आदिवासी बहुल प्रतापगढ़ जिले को इससे कई महत्वपूर्ण अपेक्षाएं हैं। प्रतापगढ़ जिले में युवा, किसान और आमजन से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यह एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, इसलिए यहां विशेष योजनाओं और ठोस घोषणाओं की आवश्यकता है। युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग-धंधों और रोजगार देने वाली इकाइयों की स्थापना की मांग की गई है, ताकि पलायन को रोका जा सके और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। नशे पर नकेल कसने की मांग
जिले में मादक पदार्थों, विशेषकर एमडी तस्करी की समस्या एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई के बावजूद, नागरिकों की मांग है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अधिक प्रभावी कानून और कठोर कदम उठाए जाएं। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को इस खतरे से बचाना है। किसान बोले-सिंचाई के साधन मिले
कृषि क्षेत्र को लेकर किसानों की भी बजट से विशेष अपेक्षाएं हैं। वे नहरों के विस्तार, सिंचाई साधनों के विकास और आधुनिक कृषि सुविधाओं की उपलब्धता पर जोर दे रहे हैं। किसानों का मानना है कि सुदृढ़ सिंचाई व्यवस्था से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्थानीय बोले-स्वास्थ्य सेवा में हो विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है, खासकर जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को लेकर। लंबे समय से बंद पड़ी सोनोग्राफी मशीन को चालू करने, चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने और अस्पताल की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की अपेक्षाएं सरकार से की जा रही हैं। खेल प्रतिभाओं को संसाधन देने की मांग
खेल के क्षेत्र में प्रतापगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। तीरंदाजी और दौड़ जैसी खेल विधाओं में यहां के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। नागरिकों का मानना है कि यदि उचित संसाधन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाएं, तो जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतापगढ़ और राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे। “भजनलाल सरकार के बजट से प्रतापगढ़ को बड़ी उम्मीदें, विकास के नए आयाम होंगे स्थापित”
राजस्थान की भजनलाल सरकार आदिवासी बाहुल्य प्रतापगढ़ जिले के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है। आगामी बजट को लेकर जिलेवासियों में भारी उत्साह है, क्योंकि इस बार सड़क, पानी, बिजली, चिकित्सा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़ी सौगातों की पूरी आशा है। राज्य सरकार का विजन स्पष्ट है कि विकास की मुख्यधारा से अंतिम छोर के व्यक्ति को जोड़ा जाए। इसी क्रम में जिले में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए सड़क नेटवर्क के विस्तार, निर्बाध बिजली आपूर्ति और पेयजल परियोजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। साथ ही, चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिल सकेगा और पर्यटन के क्षेत्र में नई घोषणाओं से रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
गोपाल धाभाई, जिला मीडिया प्रभारी, बीजेपी कांग्रेस नेताओं ने रखी ये मांग
राजस्थान की भाजपा सरकार अपना तीसरा बजट पेश करने जा रही है। एक कांग्रेस प्रवक्ता के नाते मैं सरकार को याद दिलाना चाहता हूँ कि ‘कांठल’ की यह धरती सिर्फ चुनावी वादों के लिए नहीं, बल्कि हक के लिए भी खड़ी होना जानती है। हमारा प्रतापगढ़ जिला संसाधनों से भरपूर है, फिर भी विकास की दौड़ में पिछड़ा हुआ है। इस बजट में हमारी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं 1. कृषि आधारित औद्योगिक क्रांति (Agro-Industries)
हमारा जिला सोयाबीन, लहसुन, प्याज, गेहूं और चने के उत्पादन में अग्रणी है। लेकिन किसान अपनी उपज को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर है।
हमारी मांग: सरकार यहाँ सोयाबीन ऑयल प्लांट और गहलोत सरकार की फूड प्रोसेसिंग नीतियों को आगे बढ़ाते हुए लहसुन-प्याज प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करे। इससे किसानों को सही दाम और स्थानीय युवाओं को ‘रोजगार’ मिलेगा। 2. फोरलेन कनेक्टिविटी: व्यापार का आधार
प्रतापगढ़ को अभी भी सुगम यातायात का इंतजार है।
हमारी मांग: राज्य सरकार अपने बजट मद से प्रतापगढ़ को जोड़ने वाली फोरलेन सड़कों का निर्माण करे। जब तक कनेक्टिविटी नहीं होगी, तब तक न तो बड़े उद्योग आएंगे और न ही व्यापार बढ़ेगा। 3. पर्यटन और पर्यावरण: नई पहचान
प्रतापगढ़ की आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता अद्भुत है, जिसे अब तक नकारा गया है।
हमारी मांग: गौतमेश्वर महादेव, दीपेश्वर महादेव, योगेश्वर महादेव और देवाक माता मंदिर को जोड़कर एक ‘धार्मिक सर्किट’ विकसित हो।
बायलॉजिकल पार्क: सीता माता अभ्यारण्य को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी या बायोलॉजिकल पार्क के रूप में विकसित किया जाए और जाखम बांध पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाई जाएं। 4. चिकित्सा एवं शिक्षा का सुदृढ़ीकरण
आदिवासी क्षेत्र होने के नाते यहाँ चिकित्सा सुविधाएं जीवन रेखा हैं।
हमारी मांग: जिला अस्पताल को सुपर-स्पेशलिटी सुविधाओं से लैस किया जाए ताकि गंभीर मरीजों को गुजरात या उदयपुर न भागना पड़े। साथ ही, रिक्त पड़े शिक्षकों और डॉक्टरों के पदों को तत्काल भरा जाए। “अगर इस बजट में भाजपा सरकार ने प्रतापगढ़ को फोरलेन और कृषि आधारित उद्योगों की सौगात नहीं दी, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार के लिए हमारा जिला केवल एक नक्शा है, प्राथमिकता नहीं।
मोहित भावसार , जिला प्रवक्ता ,जिला कांग्रेस कमेटी ,प्रतापगढ़


