प्रतापगढ़ में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जीवराज मीणा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सीएमएचओ के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। सीएमएचओ पर लगा भ्रष्टाचार के आरोप कार्यकर्ताओं ने डॉ. जीवराज मीणा पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। यह मामला तब और राजनीतिक हो गया जब यह सामने आया कि डॉ. मीणा राजस्व मंत्री हेमंत मीणा के जियाजी (बहनोई) हैं। ट्यूबवेल लगवाने के नाम पर की अवैध वसूली हाल ही में एक अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार, सीएमएचओ पर एक निजी अस्पताल से कथित तौर पर एक लाख रुपए की वसूली का आरोप है। यह रुपए ट्यूबवेल लगवाने के नाम पर ली गई थी। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में एक परिवाद दर्ज किया गया है और जांच शुरू हो गई है। कर्मचारियों ने प्रताड़ित करने का आरोप लगाया ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि विभागीय कर्मचारियों को बिना किसी कारण के एपीओ (अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर) कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। उनसे कथित तौर पर अवैध धन की मांग की जाती है और पैसा देने के बाद ही निलंबन रद्द कर बहाली की जाती है। प्रदर्शनकारियों ने इसे संगठित भ्रष्टाचार का तंत्र बताया, जिससे पूरे जिले में डर और दबाव का माहौल है। इसके अलावा, ज्ञापन में जिले के सोनोग्राफी सेंटरों और निजी चिकित्सा संस्थानों से नियमित अवैध वसूली के आरोप भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को निजी कमाई का माध्यम बना दिया गया है।


