प्रतापगढ़ से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (जलग्रहण विकास घटक) के तहत 200 किसानों का एक दल गुजरात के लिए रवाना हुआ है। ये दल 7 दिवसीय एक्सपोजर विजिट पर है, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि, जल संरक्षण और सिंचाई प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। वाटरशेड सहायक अभियंता अखिलेश पटेल और जयेश सोमिया ने बताया कि ये शैक्षणिक यात्रा कई महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा करेगी। इनमें नेचुरल फार्मिंग विश्वविद्यालय सुलतानपुर, आनंद मिल्क डेयरी, आनंद एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय आनंद, केंद्रीय मत्स्य प्रौद्योगिकी संस्थान वेरावल और कृषि विश्वविद्यालय दंतीवाड़ा शामिल हैं। यात्रा का समापन महाराणा प्रताप विश्वविद्यालय उदयपुर में होगा। वाटरशेड सेल कम डाटा सेंटर, जिला परिषद के अधीक्षण अभियंता एवं पदेन परियोजना प्रबंधक हेमंत वार्ष्णेय ने बताया कि इस यात्रा के दौरान किसानों को उन्नत सिंचाई परियोजनाओं, जल संरक्षण संरचनाओं, माइक्रो इरिगेशन तकनीकों और सफल कृषि मॉडल का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया जाएगा। इसका लक्ष्य है कि किसान इन नवाचारों को अपने क्षेत्र में अपनाकर कृषि उत्पादन और अपनी आय में वृद्धि कर सकें।


