भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने प्रतापगढ़ में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी (GDO) और उसके दलाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी प्रतापगढ़ इकाई ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान ग्राम विकास अधिकारी यशवंत जोशी और ई-मित्र संचालक राजमल को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। 12 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी एसीबी को मिली शिकायत में बताया गया कि परिवादी के मकान के पट्टे की रजिस्ट्री करवाने के लिए ग्राम पंचायत सुहागपुरा के ग्राम विकास अधिकारी यशवंत जोशी, जिनके पास ग्राम पंचायत कचोटिया का अतिरिक्त चार्ज भी है, ने 12 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। आरोपी ने यह राशि अपने दलाल राजमल हाड़ोती, जो ई-मित्र संचालक है, को देने के लिए कहा था। 27 फरवरी को कराया था सत्यापन शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 27 फरवरी को शिकायत का सत्यापन कराया। जांच में सामने आया कि आरोपी ग्राम विकास अधिकारी ने दलाल के माध्यम से 12 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसमें से 8 हजार रुपये रजिस्ट्री से पहले और बाकी की राशि रजिस्ट्री के बाद देने की बात तय हुई थी। 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार इसके बाद एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में प्रतापगढ़ एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान दलाल राजमल को 8 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान दलाल राजमल से मोबाइल पर ग्राम विकास अधिकारी यशवंत जोशी से बातचीत करवाई गई, जिसमें आरोपी ने रिश्वत राशि लेने की स्वीकृति दी और रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर करने के लिए ई-मित्र पर आने को कहा। इसके बाद भूमिका स्पष्ट होने पर एसीबी टीम ने ग्राम विकास अधिकारी यशवंत जोशी को भी गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।


