जालोर में युवक की मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठियां बरसाई। 3 दिन से मॉर्च्युरी के बाहर धरना चल रहा था। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे उग्र भीड़ मॉर्च्युरी से उठकर SDM ऑफिस के सामने नेशनल हाईवे-325 (सांडेराव-बाड़मेर) को जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। BAP जिलाध्यक्ष छगन लाल मीणा को हिरासत में ले लिया। लाठीचार्ज में छगन मीणा के सिर में चोट भी लगी है। मामला मंगलवार दोपहर आहोर उपखंड मुख्यालय का है। प्रदर्शन में 3 जिलों (जालोर, पाली, सिरोही) से समाज के लोग शामिल हुए थे। दरअसल, 7 फरवरी की शाम को भाद्राजून थाना क्षेत्र के गोलिया गांव में युवक अशोक कुमार मीणा (45) का शव घर में फंदे से लटका मिला था। परिजनों का कहना है कि अशोक के पांव जमीन से टिके हुए थे। उसको मारकर लटकाया गया है। सबसे पहले देखिए लाठीचार्ज के PHOTOS… पहले जानिए पूरा मामला गोलिया गांव निवासी अशोक कुमार का शव शनिवार को घर में फंदे से लटका मिला। अशोक कुमार के भाई अमृत लाल मीणा ने 8 फरवरी को थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें बताया- कुछ समय पहले पांचोटा निवासी देवी सिंह उनके घर आया था। वह मेरे एक अन्य भाई खेताराम को गुजरात में काम दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। गुजरात में अवैध शराब परिवहन के दौरान देवी सिंह का वाहन पकड़ा गया। देवी सिंह मौके से फरार हो गया, जबकि मेरा भाई खेताराम गिरफ्तार हो गया, उसे पालनपुर जेल भेज दिया गया। 7 फरवरी को अशोक खेताराम को जेल से छुड़वाने को लेकर देवी सिंह से मिलने पांचोटा गांव गया था। इस दौरान देवी सिंह ने अशोक के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। देवी सिंह फोन पर भी अशोक को धमकियां दे रहा था। उसी दिन शाम को अशोक का शव घर के अंदर फंदे से लटका हुआ मिला। मेरी बहन बबी कुमारी जब घर लौटी तो यह देखकर घबरा गई और शोर मचाया। बबी कुमारी ने पुलिस को बताया- घटना से कुछ समय पहले उसने चार लोगों को बाइक पर जाते हुए देखा था। जिनमें से एक देवी सिंह था। परिजनों का आरोप है कि देवी सिंह और उसके साथियों ने अशोक की हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे। सोमवार को बनी थी सहमति अशोक की मौत को लेकर तीन दिन से प्रदर्शन चल रहा है। परिजनों ने शव लेने इनकार कर दिया है। आज तीसरे दिन दो बार प्रशासन और लोगों के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ। सूचना पर एसपी शैलेंद्र सिंह इंदोलिया भी मौके पर पहुंचे। इससे पहले सोमवार को 5 दौर की बातचीत हुई थी। आखिरी बातचीत में पोस्टमॉर्टम पर सहमति बनी थी, लेकिन आज फिर लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और पोस्टमॉर्टम नहीं होने दिया। BAP जिलाध्यक्ष छगन मीणा ने बताया-पोस्टमॉर्टम पर सहमति बनी थी, लेकिन हमें पुलिस पर भरोसा नहीं है। सुबह निर्णय लिया गया कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे। 4 थानों का जाप्ता तैनात
एडिशनल एसपी मोटाराम गोदारा, डीएसपी दशरथ सिंह, आहोर एसडीएम रोहित चौहान ने छगन मीणा, गौतम ऋषि ट्रस्ट पाली और सिरोही के जिला अध्यक्ष रतनलाल से दो बार बातचीत की, लेकिन वार्ता विफल रही। फिलहाल मौके पर नोसरा, भाद्राजून, आहोर, जालोर का अतिरिक्त पुलिस जाप्ता मौजूद है। ये है पूरा मामला
मामले से जुड़ी यह खबर पढ़ें हत्या के आरोप मामले में पोस्टमॉर्टम पर सहमति बनी:स्टेट हाईवे से हटाने के बाद SDM ऑफिस का किया था घेराव, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग आहोर के भाद्राजून थाना क्षेत्र के गोलिया गांव में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में 5 वीं बार हुई वार्ता में पोस्टमॉर्टम की सहमति बन गई। शाम हो जाने के कारण मंगलवार सुबह पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। इसस पहले परिजन और मीणा समाज के लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। लोगों ने इसको लेकर हाईवे 325 जाम कर दिया।(यहां पढ़ें पूरी खबर)


