प्रदेश की आबोहवा लगातार खराब हो रही है और एक्यूआई लेवल बढ़ रहा है। बीते तीन साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो भिवाड़ी, हनुमानगढ़, धौलपुर, श्रीगंगानगर जिले में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण रिकॉर्ड हुआ। साल 2023 से 2025 तक इन शहरों में एक्यूआई लेवल 300 के पार दर्ज हुआ, जो रेड जोन माना जाता है। राज्य सरकार ने विधायक प्रतापसिंह सिंघवी के वायु प्रदूषण को लेकर पूछे सवाल के जवाब में यह बताया है। वायु प्रदूषण फैलाने का सबसे बड़ा कारण इंडस्ट्रीज हैं, पॉल्यूशन नियंत्रण को लेकर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तीन साल में 5.99 लाख चालान काटकर 16.56 करोड़ वसूले हैं। 1843 इंडस्ट्रीज को भी नोटिस दिए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने 3 साल में पॉल्यूशन फैलाने वाली 1843 इंडस्ट्रीज को नोटिस दिए हैं। खराब एयर क्वालिटी के दिनों की बात करें तो जयपुर में 2023 में 42, 2024 में 60 और 2025 में 54 दिन काफी खराब रहे। खराब एयर क्वालिटी नियंत्रण के लिए जयपुर में 344.70 करोड़, जोधपुर में 111, कोटा में 104.36, अलवर में 21.94 और उदयपुर में 16.83 करोड़ खर्च किए हैं।


