प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में भजनलाल सरकार की वर्षगांठ समारोह में भाजपा के अब तक के तीनों मुख्यमंत्रियों का विकास में योगदान बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भैरों सिंह शेखावत ने राजस्थान में विकास की सशक्त नींव रखी। उनसे वसुंधरा राजे ने कमान ली और सुशासन की विरासत को आगे बढ़ाया और अब भजन लाल सरकार सुशासन की धरोहर को और समृद्ध करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि भैरो सिंहजी की उंगली पकड़ कर बड़े हुए है। उन्होंने भैरों सिंह शेखावत से जुड़ी बाते भी सुनाई। दो प्रदेशों का विकास तेज होगा पीएम मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में हमारी सरकार बनने के बाद हुए संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंब ल लिंक परियोजना से चंबल और इसकी सहायक नदियां का पानी आपस में जोड़ा जाएगा। इससे राजस्थान और मध्य प्रदेश दोनों के विकास में तेजी आएगी। ताजेवाला से शेखावाटी के लिए पानी लाने के समझौते से भी हरियाणा और राजस्थान दोनों राज्यों को फायदा होगा। सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा आज का दिन सीएम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार जताते हुए कहा कि संशोधित पीकेसी परियोजना पर एमओए के चलते आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। भैरों सिंह की उंगली पकड़ कर हम कई लोग बड़े हुए दा का पानी गुजरात के अलग अलग हिस्सों तक पहुंचाने का अभियान चलाया। नर्मदा का पानी राजस्थान पहुंचा। उस समय राजस्थान के जीवन में एक उमंग और उत्साह था। कुछ दिन बाद भैरों सिंह शेखावत व जसवंत सिंह गुजरात मेरे मुख्यमंत्री दफ्तर आए। मैंने पूछा – कैसे आना हुआ। दोनों मेरे वरिष्ठ नेता थे। भैरो सिंह की उंगली पकड़ कर हम कई लोग बड़े हुए है। वो मेरे सामने बैठे नहीं। मेरा सम्मान करना चाहते थे। उन्होंने मेरा मान सम्मान किया। दोनों इतने भावुक थे, उनकी आंखें नम हो गई थी। उन्होंने कहा कि आपको पता है कि पानी देने का मतलब क्या होता है। आप इतनी सरलता से नर्मदा का पानी राजस्थान को दे दे, यह मेरे मन को छू गया। इसलिए करोड़ों राजस्थान वासियों की भावनाओं को प्रकट करने के लिए हम आपके दफ्तर चले आए है। ये नेता रहे मौजूद समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, डिप्टी सीएम दिया कुमारी व प्रेम चंद बैरवा, जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद मदन राठौड़, कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा सहित अन्य मंत्री, विधायक मौजूद रहे।


