प्रधान आरक्षक की बेटी बनी सिविल जज:आईजी ने दी बधाई, ईमानदारी से काम करने की सीख

बिलासपुर विशेष शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक सतलोक साय पैकरा और मनप्यारी देवी की बेटी स्वाति पैकरा ने सिविल जज परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) रामगोपाल गर्ग ने स्वाति को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी। परीक्षा में चयन के बाद स्वाति पैकरा अपने पिता और जोनल पुलिस अधीक्षक दीपमाला कश्यप के साथ पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंचीं। यहां आईजीपी ने स्वाति को शुभकामनाएं दीं और उन्हें एक स्मरणिका भेंट कर सम्मानित किया। बेटी का सम्मान देखकर उनके पिता भावुक हो उठे। पुलिस महानिरीक्षक ने स्वाति के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें सीख दी। उन्होंने कहा कि जीवन में कई चुनौतियां आएंगी, लेकिन ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ हमेशा अपने कर्तव्यपथ पर डटे रहना चाहिए।
आईजीपी बोले- पुलिस परिवार के बच्चे हर क्षेत्र में कर रहे सफलता आईजीपी गर्ग ने इस अवसर पर कहा कि पुलिस की कठिन नौकरी के बावजूद, जहां अभिभावक बच्चों को अधिक समय नहीं दे पाते, ऐसी परिस्थितियों में भी पुलिस परिवार के बच्चे अपनी प्रतिभा से हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। स्वाति पैकरा का सिविल जज के रूप में चयन होना पूरे पुलिस परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पुलिस परिवार के बच्चों की पढ़ाई और उनके करियर के लिए जो भी सहायता संभव होगी, रेंज के मुखिया के तौर पर वे सदैव इसके लिए सार्थक प्रयास करते रहेंगे। जज की कुर्सी तक पहुंचना गर्व की बात:सिंह स्वाति पैकरा को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस परिवार की बच्ची को न्यायाधीश की कुर्सी पर देखना बेहद गर्व और हर्ष की बात है। इसके लिए वे स्वाति को पूरे पुलिस परिवार की तरफ से बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। साथ ही संध्या को भी मेडिकल की फील्ड में अपनी प्रतिभा से अपने माता-पिता का नाम रोशन करने उन्होंने अपनी शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रधान आरक्षक (चालक) उमाकांत कौशिक और मंदाकिनी कौशिक की बेटी संध्या कौशिक ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। उन्होंने कक्षा 12वीं में प्रदेश में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए थे और नीट (NEET) में चयन के बाद सिम्स में एमबीबीएस में सर्वोच्च अंक हासिल करते हुए दो गोल्ड मेडल जीते थे। इसके अतिरिक्त, उन्हें आप्थैल्मोलॉजी में सर्वोच्च अंक के लिए गोल्ड मेडल, डॉ. रमेश चंद्र तिवारी मेमोरियल धन्वंतरि गोल्ड मेडल और डॉ. श्रुति चंद्राकर मेमोरियल गोल्ड मेडल सहित कुल पांच गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में वे केयर हॉस्पिटल हैदराबाद में रेडियोलॉजिस्ट की पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं। आईजी ने उनके पिता को भी इस मौके पर शुभकामनाएं देते हुए स्मरणिका प्रदान कर उनका सम्मान करते हुए, बेटी को आशीर्वाद प्रेषित किया।

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