प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव एक मत से खारिज:14 में से 12 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जयसमंद पंचायत समिति का मामला

उदयपुर की पंचायत समिति जयसमंद के प्रधान गंगाराम मीणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को हुए मतदान के बाद अविश्वास प्रस्ताव एक मत से खारिज हो गया। जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंजुम ताहिर सम्मा ने बताया कि आज अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया सम्पन्न हुई। इसमें कुल निर्वाचित 15 सदस्यों में से 14 सदस्य उपस्थित हुए। 14 सदस्यों ने नियमानुसार मतदान किया। मतगणना में पता लगा कि 11 वोट अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में डाले गए, जबकि 3 वोट अविश्वास प्रस्ताव के विपक्ष में थे। पंचायतीराज एक्ट की धारा-37 में प्रावधान है कि कुल निर्वाचित सदस्यों का तीन चौथाई बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पारित होना जरूरी है। इस हिसाब से 15 सदस्यों में से अगर 12 सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया जाता तो अविश्वास प्रस्ताव पास होता। लेकिन 11 लोगों ने ही अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया। खारिज होने बाद प्रधान बोले-सत्य की जीत हुई
इधर, अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद प्रधान गंगाराम मीणा ने बताया कि मैंने चार साल ईमानदारी से काम किया। उसके कारण आज सत्य की जीत हुई। अविश्वास प्रस्ताव लाने वालों की करारी हार हुई है। मेरे द्वारा कांग्रेस पार्टी के विधायक उम्मीदवार का समर्थन किए जाने के कारण ही मेरे खिलाफ ये प्रस्ताव लाया गया। प्रस्ताव पारित होने के बाद जावर माइंस थानाधिकारी पवन सिंह जाब्ते के साथ प्रधान गंगाराम को उनके घर तक ले गए। इनपुट: दीपक पटेल, सलूंबर

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