निगम कोटा का आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न खर्चों में प्रस्तावित बजट तैयार किया जा रहा है। लेकिन इस बार बजट निगम बोर्ड की बैठक में पारित नहीं होकर प्रशासक बजट को पारित होने के बाद मुख्यालय को भेजा जाएगा। नगर निगम की ओर से हर साल फरवरी में बजट तैयार किया जाता है। उस बजट को बोर्ड बैठक में पारित करवाने के बाद 15 फरवरी तक स्वायत्त शासन विभाग को भेजा जाता है। वहां से बजट स्वीकृत होकर आने के बाद ही उसका उपयोग किया जाता है। इस बार नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण बोर्ड का कार्यकाल नवम्बर में समाप्त हो गया। साथ ही एक निगम होने से अभी तक नए बोर्ड का गठन भी नहीं हुआ है। ऐसे में अधिकारियों द्वारा निगम का बजट तो तैयार किया जा रहा है। लेकिन उसे बोर्ड बैठक में पारित नहीं किया जा सकेगा। निगम अधिकारियों के अनुसार पहले जहां दोनों निगमों का अलग-अलग बजट बनता था। वहीं इस बार एक ही निगम का बजट बनाया जा रहा है। इसके लिए सभी अनुभागों से उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनुमानित बजट के प्रस्ताव लिए गए हैं। जिसके आधार पर बजट को तैयार किया जा रहा है। नगर निगम कोटा के आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि निगम का बजट तैयार किया जा रहा है। उसे अंतिम रूप देना है। उसके बाद इस बार प्रशासक संभागीय आयुक्त से पारित करवाया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से प्रशासक को बोर्ड की शक्तियां दी गई है। ऐसे में प्रशासक से बजट पारित करवाने के बाद 15 या 16 फरवरी तक राज्य सरकार को भेजा जाएगा। वहां से बजट पर अंतिम मोहर लगेगी।


