प्रशासन की निगरानी के बावजूद 15 दिनों से रूका फ्लाईओवर का काम
अनूपपुर। जिला मुख्यालय में बन रहा फ्लाई ओवर अपने कछुआ चाल की वजह से काफी जाना जा रहा है जिला प्रशासन से लेकर राजनीतिक हस्तक्षेप के बावजूद भी ठेकेदार व रेलवे विभाग की मिली भगत के बलते आज भी गार्टर डालने का काम पूरा होने की जगह अधर में अटका दिखाई दे रहा है यह हाल तब है जब खुद जिला प्रशासन उसकी निगरानी करने की बात कहता आया है। ऐसे में नगर के लोगों को वर्तमान कलेक्टर के द्वारा दी गई उम्मीद भी नकाफी नजर आ रही है। निर्माण स्थल पर फैला लोहे की बड़ी-बड़ी प्लेट फ्रेम इस बात का सबूत है कि यहां पर हो रहा काम काफी दिनों से बंद पड़ा है। निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मियों ने बताया कि हमें पिछले 3 महीने से वेतनमान नहीं मिला है वही दो दर्जन से भी अधिक मजदूरों की जरूरत उस गाटर को जोड़ने में लगती है लेकिन महज 6 मजदूरों के माध्यम से इस कार्य को अंजाम दिया गया है। काम में हो रही देरी का कारण समय पर वेतन मान भी बताया जा रहा है। निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर लगातार ठेकेदार से वेतन भुगतान की बात कर रहे हैं लेकिन ठेकेदार है कि हमारा वेतन भुगतान नहीं कर रहा है ऐसे में यह काम अगले 2 साल तक भी पूरा नहीं हो पाएगा। फ्लाईओवर निर्माण को लेकर हो रही लेट लतीफे को लेकर जिला फ्लाई ओवर संघर्ष समिति के द्वारा प्रशासन को उस मामले में ध्यान दिलाते हुए बाजार बंद का आह्वान किया गया था जिसके बाद से निर्माण कर में काफी तेजी देखी गई, लेकिन ठेकेदार और विभाग की मनमानी के चलते यह काम फिर से रोडा अटका दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं लगातार हुई बैठकों पर जिला प्रशासन के द्वारा उसकी निगरानी करने की बात कही जा रही थी और बैठक के दौरान तहसीलदार को रोजाना निर्माण कार्यों की एक जानकारी जिला प्रशासन को देने का मौलिक आदेश दिया था बावजूद उसके पिछले 15 दिनों से बंद हुआ काम यह बता रहा है कि प्रशासन ने भी इस निर्माण कार्य से अपना मुंह फेर लिया है। नगर वासियों के लिए अप्लाई होगा निर्माण अब एक नासूर की तरह नजर आ रहा है जो लगातार हुई विरोध और प्रशासन की अगुवाई के बावजूद हालात सुधरने की जगत जस के तस बने हुए हैं। चरण दर चरण उस निर्माण कार्य को पूरा किए जाने की मियादा भी तय हुई थी लेकिन निर्माण स्तर पर बिखरो सामग्री यह बता रही है। उस निर्माण के लिए अब नगर वासियों को सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाना पड़ेगा।


