रिंग रोड में कांके के सुकुरहुटू में पहली बार इतनी चहल-पहल है। वाहनों की कतार लगी थी। सभी वाहनों का रुख सुकुरहुटू में बने ट्रांसपोर्ट नगर की ओर था। सुबह 6 बजे से मतगणनाकर्मी, इसके बाद प्रत्याशी के एजेंट काउंटिंग हॉल पहुंचने लगे। क्योंकि, 8 बजे से काउंटिंग शुरू होनी है। ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचे एजेंट, मीडियाकर्मी सहित अन्य लोगों को वहां की व्यवस्था भूल-भूलैया जैसी लग रही थी। क्योंकि, अधिकतर लोग पहली बार ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचे थे। राज्य गठन के 25 वर्ष में पहली बार पंडरा बाजार समिति को छोड़कर नई जगह पर काउंटिंग हो रही है। पार्किंग में वाहन लगाकर जब काउंटिंग हॉल के प्रवेश द्वार पर पहुंचे तो सघन जांच के बाद अंदर जाने की अनुमति मिली। इस दौरान कई बार एजेंट, मीडियाकर्मी से पुलिसकर्मी की बहस भी हुई। अंदर पहुंचने के बाद एजेंट काउंटिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन बताया गया कि अभी स्ट्रांग रूम नहीं खुला है। क्योंकि, मतपेटी ले जाने वाले श्रमिकों ने नाश्ता नहीं किया है। सभी को नाश्ता कराने के बाद स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया। इसके बाद मतपेटी को काउंटिंग हॉल में लाया गया। सुबह 9.24 बजे से 9 रूम में काउंटिंग शुरू हुई। सबसे पहले वार्ड संख्या 1, 2, 7, 8, 13, 14, 19, 10, 25, 26, 31, 32, 37, 38, 39, 43, 48, 49 के बूथ खुले। पहले राउंड की काउंटिंग में करीब 3 घंटे लगे। इसके बाद 10 वार्डों का परिणाम आ गया। लेकिन प्रशासन ने किसी भी प्रत्याशी के जीतने की सार्वजनिक घोषणा नहीं की। यह देख प्रत्याशी स्वयं ही बाहर निकल कर जीत की घोषणा करने लगे। इसके बाद काउंटिंग हॉल में निर्वाची पदाधिकारी ने जीतने वाले की घोषणा की और उन्हें सर्टिफिकेट दिया। सर्टिफिकेट लेने के बाद जैसे ही प्रत्याशी काउंटिंग हॉल से बाहर निकले, समर्थकों ने उन्हें अबीर-गुलाल से रंग दिया। समर्थकों ने जमकर होली खेली। दो राउंड पूरा होने के बाद एक वार्ड का आया परिणाम… काउंटिंग हॉल में एक टेबल पर तीन कर्मचारी ही तैनात किए गए थे। इस वजह से मतों की गिनती में काफी समय लग रहा था। देरी से शुरू हुई गिनती की वजह से दोपहर तक रफ्तार भी सुस्त रही। पहले राउंड की काउंटिंग पूरी करने में करीब 3 घंटे लग गए। इसके बाद दूसरे राउंड की मतगणना शुरू हुई, जो दोपहर 2.30 बजे जाकर खत्म हुई। तीसरा राउंड 2.45 बजे शुरू हुआ, लेकिन परिणामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई। दो राउंड की गिनती पूरी होने के बाद मात्र वार्ड नंबर 1 के परिणाम की घोषणा की गई। इस वजह से प्रत्याशियों और समर्थकों में असमंजस की स्थिति बनी रही। एजेंटों ने बाहर बताया कि काउंटिंग में तैनात कर्मचारियों और पदाधिकारियों में पूरी तरह तालमेल नहीं था। कई बार मतपत्रों का बंडल बनाने के बाद दो से तीन बार गिनती की गई। जिस चार्ट पर इंट्री की गई, उस पर साइन कराने में काफी समय लगा। इस वजह से परिणाम की घोषणा भी नहीं की गई। मीडिया गैलरी में बड़ा डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया था, लेकिन उसे बंद रखा गया था। अनाउंसमेंट भी नहीं किया गया। मेयर के पहले राउंड का परिणाम शाम 6:30 बजे जारी हुआ पार्षदों के साथ मेयर के लिए पड़े मतों की गिनती भी चल रही थी। लेकिन शाम पांच बजे तक तीन राउंड की गिनती पूरी होने के बाद एक भी राउंड की घोषणा नहीं की गई। डीसी मंजूनाथ भजंत्री को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने निर्वाची पदाधिकारी को तुरंत परिणाम जारी करने का निर्देश दिया। इसके बाद शाम 6.30 बजे मेयर के पहले राउंड का परिणाम जारी किया गया।


