उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान बीकेटी में “मानव-वन्यजीव द्वंद्व” विषय पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विभिन्न विभागों और संगठनों के अधिकारियों और कर्मचारियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष को समझने और उसके समाधान के लिए दक्ष बनाना था। लखीमपुर-खीरी, बहराइच, पीलीभीत, श्रावस्ती और बलरामपुर सहित विभिन्न जिलों के वन्य, पंचायती राज, कृषि, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, पशुपालन, राजस्व और शिक्षा विभागों के 33 जनपद स्तरीय अधिकारी और प्रशिक्षक इसमें शामिल हुए। प्रशिक्षण का आयोजन सचिव एवं राहत आयुक्त, राजस्व विभाग के सहयोग से किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य संस्थान के प्रमुख अपर निदेशक बीडी चौधरी ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की अवधारणा समझाते हुए बताया कि यह तब उत्पन्न होता है जब मानव और वन्यजीव भोजन, पानी और आवास जैसे संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। उन्होंने कहा कि मानव गतिविधियां, जैसे कृषि और बुनियादी ढांचे का विकास, वन्यजीवों के आवास को नष्ट कर देती हैं, जिससे दोनों के लिए नकारात्मक परिणाम उत्पन्न होते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम नियंत्रक डा. एसके. सिंह और सहायक निदेशक संजय कुमार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के निवारण के व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डाला। अदिति उमराव, परियोजना निदेशक (एमरजेंसी ऑपरेशन), राहत आयुक्त कार्यालय, ने आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से विषय पर विचार साझा किए। प्रशिक्षण के सफल आयोजन में संस्थान के मो. शारुख, मो. शहंशाह और कलीम खान का योगदान सराहनीय रहा।


