प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की चक्का जाम हड़ताल के कारण सरदारशहर सहित पूरे प्रदेश में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सोमवार रात 12 बजे से कॉन्ट्रैक्ट और स्टेज कैरिज श्रेणी की निजी बसों का संचालन बंद कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस हड़ताल के चलते 23 से 28 फरवरी तक की निजी बसों की ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी पूरी तरह रोक दी गई है। अचानक लिए गए इस निर्णय से विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। परिवहन विभाग पर नियमों के विपरित कार्रवाई का आरोप लगाया प्राइवेट बस ऑपरेटर्स इकबाल खान और चंद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा नियमों के विपरीत कार्रवाई की जा रही है। उनका आरोप है कि नए मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों को पुरानी बसों पर भी जबरन लागू किया जा रहा है, जो अनुचित है। इसके तहत बस मालिकों पर एक लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार कार्रवाई के दौरान यात्रियों को बीच रास्ते में ही बस से उतार दिया जाता है, जिससे उन्हें असुविधा और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। बस सेवाएं ठप होने से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। सीमित संसाधनों के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे और रोडवेज बसों में अचानक भीड़ बढ़ गई है, जिससे टिकट मिलना भी मुश्किल हो गया है। बस सेवा बंद होने से लोग परेशान यात्रियों का कहना है कि अचानक हुई इस हड़ताल से उनकी यात्रा योजनाएं प्रभावित हो गई हैं। कई लोगों को परीक्षा, इलाज, जरूरी कार्य और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए बाहर जाना था, लेकिन बस सेवाएं बंद होने से वे परेशान हैं। यात्रियों ने सरकार और परिवहन विभाग से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और परिवहन व्यवस्था जल्द सामान्य हो।


