अंबिकापुर में प्राइवेट लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के बाहर ट्रांसफार्मर हटाने को लेकर घंटों विवाद की स्थिति बनी रही। यहां ट्रांसफार्मर लगाए जाने का विरोध गुदरी के लोगों द्वारा किया जा रहा था। निगम आयुक्त ने ट्रांसफार्मर को हटाने का आदेश दिया है। पुलिस बल तैनात रहने के बावजूद दोनों पक्षों में मारपीट भी हो गई। गुस्साये लोगों ने डॉक्टर की कार से तोड़फोड़ भी की। विवाद के बाद मौके पर SDM, ASP, CSP सहित पुलिस एवं राजस्व के अधिकारी पहुंचे। हॉस्पिटल को सील करने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, गुदरी गली विजय मार्ग में संचालित लक्ष्मी नारायण हास्पिटल के संचालक के द्वारा हॉस्पिटल के सामने ट्रांसफार्मर लगाए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बनी। हॉस्पिटल का निर्माण अनुमति से हटकर किए जाने की शिकायत पर नगर निगम आयुक्त ने अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश भी 22 दिसंबर 2025 को जारी किया है। हॉस्पिटल के सामने जाम लगने को लेकर यहां आए-दिन विवाद की स्थिति बन जाती है। ट्रांसफार्मर हटाने पहुंचे कर्मी, पूरे दिन हंगामा
हॉस्पिटल के संचालक डा. प्रतीक खरे के द्वारा हॉस्पिटल के सामने ट्रांसफार्मर लगवाया गया है। उक्त ट्रांसफार्मर का यहां के लोग विरोध कर रहे थे। घरों से सटकर लगाए गए ट्रांसफार्मर के कारण हादसे की आशंका और पार्किंग के लिए जगह नहीं होने के कारण इसकी शिकायत नगर निगम आयुक्त से की गई थी। नगर निगम आयुक्त ने 25 फरवरी 2026 को उक्त ट्रांसफार्मर को तत्काल हटाने के लिए पत्र विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री को लिखा था। विद्युत विभाग का अमला गुरुवार को कार्रवाई के लिए पहुंचा था। इस दौरान कोतवाली थाना प्रभारी सहित पुलिस अधिकारी भी मौके पर तैनात थे। विद्युतकर्मियों एवं कोतवाली थाना प्रभारी से विवाद करते हुए डा. प्रतीक खरे ने पक्ष रखा कि ट्रांसफार्मर हटाए जाने की स्थिति में हॉस्पिटल के मरीजों के साथ कुछ होगा तो इसकी जवाबदेही प्रशासन की होगी। इसके बाद कार्रवाई को कुछ देर के लिए रोक दिया गया। लाइन काटने के दौरान मारपीट, कार से तोड़फोड़
स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए विद्युत विभाग का अमला दुबारा हॉस्पिटल पहुंचा और विरोध के बीच विद्युतकर्मियों ने ट्रांसफार्मर की बिजली काट दी। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ डॉक्टर एवं परिवारजनों ने विवाद करते हुए मारपीट शुरू कर दी। पुलिस बल की मौजूदगी में दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। मौके से भाग रहे डॉ. प्रतीक खरे की कार से भी तोड़फोड़ की गई। विवाद बढ़ने की सूचना मिलने पर SDM फागेश सिन्हा, ASP अमोलक सिंह, CSP राहुल बंसल, तहसीलदार उमेश कुमार बाज सहित प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस अधिकारी पहुंचे। स्थानीय लोगों ने हॉस्पिटल का संचालन तत्काल बंद कराने की मांग रखी। पत्रकार से भी मारपीट, थाने में हंगामा
विवाद के दौरान कव्हरेज में जुटे स्थानीय पत्रकार सुशील बखला के साथ भी मारपीट हो गई। मारपीट में कुछ भाजपा से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पत्रकार के साथ हुई मारपीट के विरोध में सभी पत्रकार कोतवाली थाने पहुंच गए और तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। पत्रकार से मारपीट की सूचना मिलने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर शरण सिंह, निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद थाने पहुंचे। कांग्रेसियों ने मामले में कार्रवाई की मांग रखी। देर शाम तक पत्रकार थाने में डटे रहे।
मारपीट के बाद डा. प्रतीक खरे एवं दूसरे पक्ष से रवि सिंह व अन्य लोग भी थाने में आवेदन देने पहुंचे। विवाद के कारण तनाव की स्थिति को देखते हुए हॉस्पिटल के पास पुलिस बल को तैनात रखा गया है।


