प्री-पेड स्मार्ट मीटर के पहले के बकाया ने बढ़ाई परेशानी:पहले नहीं भरा, अब 5 से 50 हजार रुपए तक आ रहा पुराना बकाया बिल

जिनका पुराना बिल अधिक बकाया है, वे किस्त में जमा करने का आवेदन दे सकते हैं प्री-पेड स्मार्ट मीटर कंज्यूमरों की परेशानी एक बार फिर से नए सिरे से बढ़ गई है। उपभोक्ताओं को ऐसी चोट और टेंशन जेबीवीएनएल दे रहा है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इसका हल कैसे निकालें। दरअसल जेबीवीएनएल रांची के करीब 4000 कंज्यूमर को जनवरी के बिल में स्मार्ट मीटर लगने के पूर्व का भारी-भरकम बिल जोड़कर भेज रहा है। यह बिल पांच हजार रुपए से लेकर 50 हजार तक है। जो कंज्यूमर प्री-पेड मीटर लगाने के बाद रेगुलर अपना बिल जमा कर रहे थे, अचानक पुराना बकाया बिल ने उनकी टेंशन बढ़ा दी है। रोज कई कंज्यूमर अपने निकट के बिजली ऑफिस जाकर अपनी समस्या का समाधान कराने में जुटे हुए हैं। दरअसल जिस वक्त स्मार्ट मीटर लगाया गया और उसे प्री-पेड मोड में लाया गया, उस समय जिनका कोई बकाया नहीं था, उनका जीरो बैलेंस से इनर्जी बिल बनना शुरू हो गया। मगर जो बकाया जमा नहीं करा पाए, वे प्रीपेड होने के बाद फंस गए। इसमें कंज्यूमर और जेबीवीएनएल दोनों की लापरवाही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बकाए की कोई जानकारी स्मार्ट मीटर लगने के पूर्व नहीं दी गई। वहीं जेबीवीएनएल का तर्क है कि ऐसे उपभोक्ताओं को बार-बार बिल जमा करने का आग्रह किया गया था। तीन मामलों से समझें… कैसे परेशान हो रहे उपभोक्ता केस स्टडी-1 : 48 हजार में से 17 हजार जमा किया, फिर 56 हजार का बिल भेज दिया कुम्हार टोली के पुराने कंज्यूमर नंबर वीडब्लू 2347 के उपभोक्ता ने तीन महीने का बिल 28 हजार रुपए जमा कराया और अपने कनेक्शन को चालू करा लिया। मगर फिर उनका बिल 48 हजार रुपए आ गया। जिसमें पुन: उन्होंने 17 हजार रुपए किस्त के रूप में जमा कराया, ताकि कनेक्शन न कटे। इसके बाद फिर जनवरी माह का बिल उनका 56 हजार रुपए आ गया। अब ये बिजली आफिस के चक्कर लगा रहे हैं। केस स्टडी-2 : पुराना बिल 40 हजार रु. भरा, फिर 59 हजार का बिल भेज दिया मधुकम निवासी रंजीत कुमार का नया स्मार्ट मीटर एकाउंट नंबर 11222802661 है। इनका निधन हो चुका है। अब इनकी प|ी को बिजली बिल देना है। इन्होंने अपने पुराने बिल का बकाया दिसंबर 2025 में 40 हजार रुपए जमा कर दिया। मगर फिर जनवरी में मार्च 2024 से जून 2024 का पुराना बकाया 59 हजार रुपए का बिल भेज दिया गया। अब इतनी बड़ी रकम का भुगतान ये कैसे करें, इसके लिए कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं। केस स्टडी-3 : 16,754 रुपए का बिल भेजा था, जिसमें से 10,200 रु. जमा किया एक उपभोक्ता जिनका पुराना कंज्यूमर नंबर यूडब्लू- 1014 है और नया प्री-पेड एकाउंट नंबर 11222784772 है। इनका पुराना बकाया जोड़कर 16,754.37 रु. बिल भेज दिया। कंज्यूमर का कहना है कि पुराने बकाए की जानकारी नहीं दी गई थी। अगर पता होता तो जमा कर देते। फिर भी इसमें से 10,200 रुपए जमा कर दिया गया है, अब 6,754.37 रु. ही बकाया है। जिन्होंने प्री पेड के समय जीरो बैलेंस नहीं कराया, उनको बकाया बिल भेजा जा रहा एक आम आदमी आज के जमाने में हर चीज, जिसका वह उपभोग कर रहा है, उसका भुगतान करता है। जब बिजली कंज्यूम करते हैं तो उसका भुगतान करने में लापरवाही क्यों बरतते हैं। रांची के सभी उपभोक्ताओं को पुराना बकाया नहीं भेजा जा रहा है। इसमें ऐसे ही उपभोक्ता शामिल हैं जो पोस्टपेड के समय के मीटर के उपभोक्ता रहे हैं और अपना बिल लंबे समय तक जमा नहीं किया है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने के समय ही जीरो बैलेंस लाने की अपील कई माध्यमों से की गई थी। इसके बाद भी जिन्होंने पुराने बिल का भुगतान नहीं किया, उन्हें अब जोड़कर भेजा रहा है।
– डीएन साहू, अधीक्षण अभियंता, जेबीवीएनएल रांची

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