आम्बुआ थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जहां एक पति ने अपनी ही पत्नी को मोहरा बनाकर उसके कथित प्रेमी को मौत के घाट उतार दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए शव को एक प्लास्टिक में बांधकर दो किलोमीटर दूर फेंक दिया गया। आम्बुआ पुलिस ने पति-पत्नी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 15 फरवरी को ग्राम चौकीदार ने पुलिस को सूचना दी कि सेमलाया गांव में संदिग्ध पोटली पड़ी है, जिससे खून बह रहा है। पुलिस ने पोटली खोली तो उसमें एक अज्ञात पुरुष का शव मिला। मृतक के गले, छाती, पीठ और पैरों पर गंभीर चोटों के निशान थे। शिनाख्त मोटा उमर निवासी 30 वर्षीय दुलेसिंह पिता रतनसिंह चौहान के रूप में हुई। मौके पर ही स्पष्ट हो गया था कि साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को पल्ली में बांधकर फेंका गया था। ऐसे की गई हत्या, पांच गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी रघुवंशसिंह ने आम्बुआ थाना प्रभारी मोहन डावर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक दुलेसिंह का मुख्य आरोपी जांगू की पत्नी उर्मिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी रंजिश के चलते 14 फरवरी की रात जांगू ने अपनी पत्नी उर्मिला से दुलेसिंह को फोन लगवाया और उसे मिलने के बहाने सुनसान जगह पर बुलवाया। जैसे ही दुलेसिंह वहां पहुंचा, आरोपियों ने सीमेंट की ईंटों से उस पर प्राणघातक वार कर उसकी जान ले ली। इस हत्याकांड में पुलिस ने सेमलाया निवासी 40 वर्षीय जांगू, उसकी 36 वर्षीय पत्नी उर्मिला, 23 वर्षीय दीतु, धार जिले के अखाड़ा (थाना बाग) निवासी 24 वर्षीय प्यार सिंह और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है। हाथ जोड़ती रही उर्मिला, नहीं माने हत्यारे
बताया जा रहा है जिस वक्त आरोपी दुलेसिंह के साथ मारपीट कर रहे थे तब उर्मिला ने हाथ पैर जोड़कर आरोपियों को ऐसा नहीं करने को कहा। लेकिन फिर भी वे नहीं माने। चूंकि उर्मिला ने ही दुलेसिंह को बुलाया था इसलिए पुलिस ने उसे भी आरोपी बनाया है।


