माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से जुड़ी स्कूलों में प्रैक्टिकल एग्जाम लेने जाने वाले एग्जामिनर को अपनी लोकेशन बोर्ड को भेजनी होगी। इसके साथ ही अपनी फोटो और लैब की फोटो भी अपलोड करनी होगी। शिक्षा मंत्री के बयान के बाद बोर्ड सचिव ने यह फैसला लिया है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव कैलाश चन्द्र शर्मा ने कहा कि यह पहली बार होगा जब इस तरह की व्यवस्था की जाएगी। इसमें एग्जामिनर को अपनी लोकेशन देनी होगी ताकि उनकी स्थिति का पता लगाया जा सके। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के एक बयान के बाद बोर्ड ने यह फैसला लिया है- पहले पढ़िए, शिक्षा मंत्री ने क्या कहा था- ये जो प्रायोगिक परीक्षाएं होती है, उसे प्रैक्टिकल बोलते है। इसमें पता नहीं कब से, सरकार के आदेश तो नहीं है लेकिन परम्परा सी बन गई है। जो प्रायोगिक परीक्षा लेने जाते हैं एग्जामिनर, उनकी आवभगत होती है। बैंड बाजों से ले जाया जाता है, अच्छी होटल में रूकवाया जाता है। शायद ये इसलिए होता होगा कि हमारे स्कूल के बच्चों को अधिक से अधिक अंक देकर जाए। मैं भी उस दौर से गुजरा, जब पढ़ा। उस समय भी अच्छा नहीं लगता था और आज भी नहीं लगता। इसलिए अधिकारियों को कहा है कि इससे बचें, ताकि अच्छा रहेगा। जो प्रैक्टिकल बच्चे करते थे, उनका मूल्यांकन करके ही अंक दें। मीटिंग में दिया था शिक्षा मंत्री में बयान शिक्षा मंत्री ने अजमेर स्थित बोर्ड ऑफिस में 19 दिसंबर को लेकर मीटिंग ली थी। इस दौरान उन्होंने बिना कॉपी जांचे अंक देने के मामले को लेकर नाराजगी जताई थी। कहा था कि ये गंभीर मामला है। इस तरह के मामले की दोबारा पुनरावृति नहीं होनी चाहिए। इस व्यवस्था को फुल प्रूफ बनाया जाए ताकि कोई शिक्षक आगे से इस तरह की लापरवाही नहीं कर सकें। सचिव बोले- एग्जाम की विश्वसनीयता बनाए रखेंगे राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव कैलाश चन्द्र शर्मा ने बताया- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 12वीं में प्रैक्टिकल एग्जाम 9 जनवरी से शुरू हो रहे हैं। अलग-अलग विषयों में करीब 13 लाख स्टूडेंट्स शामिल होंगे। सभी तैयारियां की जा रही है। जरूरी सामग्री भी तय समय पर केन्द्र को भिजवा दी जाएगी। परीक्षक परीक्षा लेने के लिए जाएंगे, उनको निर्देश दिए गए हैं कि बोर्ड के निर्देश की पालना सुनिश्चित करें। इस बार प्रैक्टिकल लेने वाले एग्जामिनर को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके से फोटो लोकेशन सहित भेजेंगे। ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि एग्जामिनर वहां पहुंचे और बच्चों का एग्जाम लिया। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी के स्तर पर भी उड़नदस्ते गठित किए गए हैं, जो निरीक्षण करेंगे। इससे परीक्षा की विश्वसनीयता बनी रहेगी। बोर्ड के निर्देश परीक्षक को यह ध्यान में रखना होगा परीक्षा के दौरान सतर्क रहे परीक्षक पढें ये खबर भी… अच्छे नंबर के लिए टीचरों को बैंडबाजे से स्कूल लाते:शिक्षा मंत्री बोले-एग्जामिनर को अच्छे होटलों में ठहराया जाता, ये अच्छा नहीं लगता; 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा 6 मार्च से संभव राजस्थान में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा की तारीख बदली:20 लाख स्टूडेंट्स पर होगा असर; REET-2024 के कारण बदलाव


