बिलासपुर में शनिवार को विमर्श भारती छत्तीसगढ़ प्रांत की ओर से ‘सशक्त नागरिक, सशक्त भारत’ विषय पर एक व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक प्रोफेसर संजय द्विवेदी मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि सशक्त नागरिक देश को जोड़ता है, तोड़ता नहीं। प्रोफेसर द्विवेदी ने यह भी कहा कि आज देश में ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ सक्रिय है, जिनका एकमात्र काम समाज में विघटन पैदा करना और देश को तोड़ना है। प्रोफेसर द्विवेदी ने सशक्त नागरिक की पहचान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सशक्त नागरिक का अर्थ केवल अधिकारों की सूची लेकर खड़े हो जाना नहीं है। पिछले 70-75 वर्षों में हमने ‘हमारी मांगें पूरी हों, चाहे जो मजबूरी हो’ जैसी मानसिकता विकसित की है। नागरिक चेतना से ही राष्ट्र की उन्नति संभव उन्होंने इस मानसिकता को ‘सोशलिस्ट कल्चर’ बताया और कहा कि यह देश हमारा है और हमें ही इसका भाग्य विधाता बनना है। प्रोफेसर द्विवेदी ने सवाल उठाया कि राष्ट्र से केवल सुविधा की अपेक्षा रखना और कर्तव्य बोध के बिना रहना, यह किसने सिखाया है? उन्होंने कहा कि सशक्त नागरिक वह है जो कर्तव्य को प्राथमिकता देता है, स्वयं अनुशासित रहता है और समाज को जोड़ता है, तोड़ता नहीं। व्याख्यानमाला के मुख्य वक्ता और आरएसएस के सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वही देश उन्नति करता है, जिसके नागरिक सजग और समर्थ होते हैं। देश पर लगातार हुए आक्रमणों के कारण नागरिकों की मानसिकता में परिवर्तन आया, जिससे देश के विकास में बाधा पहुंची। नामदेव ने आह्वान किया कि हम सभी को अपने आचार-विचार और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना होगा। आदर्श नागरिक करते हैं देश का विकास- सीईओ जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल ने कहा कि संविधान ने नागरिकों को अधिकारों के साथ कर्तव्य भी दिए हैं। अधिकार इसलिए हैं ताकि वे अपने जीवन की रक्षा कर सकें और कर्तव्य इसलिए हैं ताकि आदर्श नागरिक बनकर समाज और देश का विकास कर सकें। देश को आगे ले जाने में युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी- मूर्ति सिम्स के डीन रमणेश मूर्ति ने कहा कि देश पर अनेक आक्रमणों के बावजूद देशवासियों के जीवट और जिजीविषा के कारण ही राष्ट्र एकजुट बना रहा। उन्होंने कहा कि अब यह सही समय है जब हम देश को और अधिक सशक्त तथा प्रतिष्ठित बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘संकल्प से सिद्धि’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आज देश में सशक्त नागरिकों की आवश्यकता है। देश को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सक्रिय युवाओं पर है, जो राष्ट्र के आत्मसम्मान, चेतना और गौरव के ध्वजवाहक हैं।


