फडणवीस बोले- पाकिस्तान भारत को हरा नहीं सकता:इसलिए पहलगाम हमला, दिल्ली ब्लास्ट किया; 26/11 के बाद ऑपरेशन सिंदूर होता तो हिम्मत नहीं करता

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया पर 26/11 हमलों की 17वीं बरसी के मौके पर ‘ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025’ कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा- पाकिस्तान जानता है कि वह सीधे युद्ध में भारत को नहीं हरा सकता, इसलिए उसने पहलगाम आतंकी हमला और दिल्ली ब्लास्ट किया। CM ने कहा- मुंबई में 26 नवंबर 2008 (26/11) को आतंकवादी हमला भारत की संप्रभुता पर हमला था। अगर तब हमने ऑपरेशन सिंदूर करने का साहस दिखाया होता, तो आज कोई हम पर हमला करने की हिम्मत नहीं करता, लेकिन हमने उस समय वह साहस नहीं दिखाया। फडणवीस ने आगे कहा- आतंकियों ने 2001 में 9/11 हमले के लिए अमेरिका के ट्विन टावर्स को चुना था। अमेरिका की ताकत ट्विन टावर्स में है इसलिए वहां हमला करके उन्होंने अमेरिका की संप्रभुता को चुनौती दी थी। इसी तरह भारत की संप्रभुता को चुनौती देने के लिए मुंबई को चुना गया था। मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने गेटवे ऑफ इंडिया पर ‘ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इसमें रिलायंस फाउंडेशन की अध्यक्ष नीता अंबानी, बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान और रणवीर सिंह, सिंगर शंकर महादेवन सहित कई दिग्गज शामिल हुए। फडणवीस बोले- 17 साल बाद भी दिल में मुंबई हमले का दर्द फडणवीस ने कहा- मुंबई हमले के 17 साल बीत चुके हैं, फिर भी हमारे दिलों में दर्द है। आतंक का खतरा अभी भी बना हुआ है और हमें सतर्क रहने की जरूरत है। हमें अपने देश की आंख और कान बनना होगा और एक ही भाषा बोलनी होगी। अगर हम एकजुट हैं तो हम सुरक्षित हैं। CM ने दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े व्हाइट टेरर मॉड्यूल मामले में 3,000 किलोग्राम विस्फोटक जब्त करने में कामयाब होने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की सराहना की। फडणवीस ने कहा- आज हमारे पास एक बदला हुआ भारत है। भारत ने समय रहते सबसे पहले आतंकी साजिश को भांपा और ऑपरेशन चलाए। फडणवीस ने कहा- भारत के कोने-कोने में धमाका करना चाहते थे आतंकी मुख्यमंत्री ने कहा- वे (आतंकी) भारत के कोने-कोने में बम विस्फोट करना चाहते थे। मुंबई समेत हमारे देश के कई शहर उनके निशाने पर थे, लेकिन जब हमारी भारतीय एजेंसियों को इसकी भनक लगी और उन्होंने उन पर सीधा हमला किया तो इससे बौखलाए आतंकियों ने दिल्ली में धमाका कर दिया। फडणवीस ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। उन्होंने सशस्त्र बलों को कार्रवाई करने की आजादी दी है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दुनिया ने भारत की ताकत देखी। भारत एक मजबूत देश है और जंग अभी खत्म नहीं हुई है। 4 दिन तक चले मुंबई हमले में करीब 166 लोग मारे गए थे मुंबई में 26 नवंबर 2008 को आतंकी हमला हुआ था। इसे 26/11 के नाम से जाना जाता है। पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने समुद्र मार्ग से मुंबई में घुसकर ताज होटल, ओबेरॉय होटल, नरीमन हाउस, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और लियोपोल्ड कैफे सहित कई जगहों पर हमला किया। यह हमला 26 से 29 नवंबर तक करीब 60 घंटे चला, जिसमें करीब 166 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए। एनएसजी कमांडो और सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाकर आतंकियों को मार गिराया। अजमल कसाब नाम का एक आतंकी जिंदा पकड़ा गया था, जिसे बाद में अदालत ने फांसी की सजा दी। भारत में 2025 में दो बड़े आतंकी हमले- 1. 10 नवंबर 2025, दिल्ली- देश की राजधानी दिल्ली में लाल किला के पास एक कार में धमाका हुआ, जिसे बाद में आतंकी घटना घोषित किया गया। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां और सड़क किनारे ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए। ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हो गई। 20 से ज्यादा घायल हो गए। 2. 22 अप्रैल 2025, पहलगाम- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बायसरन घाटी में पर्यटकों पर बड़ा आतंकी हमला हुआ। चार आतंकियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें 26 लोगों की मौत और कई घायल हुए। ——————- दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… हमास जैसे हमलों की साजिश रच रहा था जैश:कश्मीरी अस्पतालों में हथियारों का ठिकाना बनाने की तैयारी थी; 1990 के बाद ऐसा पहली बार दिल्ली ब्लास्ट की जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया हैं। सूत्रों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी मॉड्यूल कश्मीर के अस्पतालों को हथियारों का ठिकाना बनाने की कोशिश कर रहा था। यह तरीका हमास की रणनीति से मिलता-जुलता है, जो नागरिक इलाकों और अस्पतालों को हथियारों के ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करता है। पूरी खबर पढ़ें…

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